NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपियों को दिल्ली लाया जा रहा है। इस दौरान मीडिया के सामने आरोपियों ने दावा किया कि “बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।” CBI अब कई राज्यों में जांच कर रही है और NTA के भीतर भी अंदरूनी लीक की आशंका जताई जा रही है। छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा की तैयारी भी शुरू हो चुकी है।
NEET पेपर लीक केस में नया विस्फोट! कैमरों के सामने टूटे आरोपी, बोले- “असल लोग अभी बाहर हैं”
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 अब सिर्फ पेपर लीक का मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह देश की परीक्षा प्रणाली, जांच एजेंसियों और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल बनती जा रही है। मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब गिरफ्तार आरोपी मीडिया कैमरों के सामने भावुक हो गए और उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में “बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।”
NEET पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI कर रही है। इसी सिलसिले में आरोपी शुभम खैरनार को मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट स्थित CBI अदालत में पेश किया गया। जांच एजेंसी ने अदालत से कहा कि आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाना जरूरी है, क्योंकि इस मामले में कई और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।

लेकिन अदालत से बाहर आते वक्त जो हुआ, उसने पूरे मामले को और ज्यादा रहस्यमयी बना दिया।
जब मीडिया ने आरोपियों से सवाल पूछे, तो उनमें से कुछ रो पड़े। कैमरों के सामने आरोपियों ने कहा कि “बड़े-बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।” इस बयान के बाद पूरे मामले में नई बहस छिड़ गई है कि क्या जांच केवल छोटे आरोपियों तक सीमित रह जाएगी या फिर असली मास्टरमाइंड तक भी पहुंचेगी।
जानकारी के मुताबिक जयपुर में पकड़े गए आरोपियों में से एक ने भी पहले CBI जांच पर सवाल उठाए थे। उसने भी दावा किया था कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे प्रभावशाली लोग शामिल हैं। अब लगातार सामने आ रहे ऐसे बयानों ने जांच एजेंसियों पर दबाव बढ़ा दिया है।
इस बीच राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा भी मामले को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्ष लगातार यह पूछ रहा है कि अगर यह इतना बड़ा नेटवर्क है तो अब तक कितने बड़े नाम सामने आए हैं।
CBI सूत्रों के अनुसार आरोपी शुभम खैरनार से दिल्ली में लंबी पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी का मानना है कि यह मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है जो कई राज्यों में फैला हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक CBI इस समय महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, दिल्ली और अन्य राज्यों में अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक वास्तव में कहां से हुआ, प्रश्नपत्र किन-किन लोगों तक पहुंचा और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
सबसे बड़ा और चौंकाने वाला एंगल अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के भीतर से जुड़ा सामने आ रहा है।
CBI को शक है कि कोई अंदरूनी व्यक्ति परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी बाहर पहुंचा रहा था। जांच एजेंसी अब इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं परीक्षा प्रणाली के भीतर बैठे किसी व्यक्ति ने इस पूरे नेटवर्क को मदद तो नहीं पहुंचाई।
सूत्रों के अनुसार एजेंसियों को यह भी संदेह है कि पिछले साल हुई जांच पूरी तरह समाप्त नहीं हुई थी और उसी पुराने नेटवर्क ने फिर से सक्रिय होकर इस बार भी पेपर लीक की साजिश को अंजाम दिया।
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह किसी छोटे गिरोह का काम नहीं बल्कि एक पुराना और व्यवस्थित नेटवर्क हो सकता है, जो लंबे समय से परीक्षा प्रणाली को निशाना बना रहा है।
इस पूरे विवाद के बीच सबसे ज्यादा परेशान लाखों छात्र और उनके परिवार हैं। महीनों और वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देने वाले उम्मीदवार अब अनिश्चितता की स्थिति में हैं।

NTA ने स्पष्ट किया है कि NEET-UG 2026 की नई परीक्षा तारीख जल्द घोषित की जाएगी। साथ ही नए एडमिट कार्ड जारी करने का शेड्यूल भी बाद में बताया जाएगा। फिलहाल छात्रों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
NTA ने यह भी कहा है कि सभी उम्मीदवारों की परीक्षा फीस वापस की जाएगी। जिन छात्रों ने आवेदन किया था, उन्हें पूरा रजिस्ट्रेशन शुल्क रिफंड किया जाएगा।
हालांकि छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि केवल फीस वापस करने से मानसिक तनाव और मेहनत का नुकसान पूरा नहीं हो सकता। कई छात्रों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से मेहनत करने वाले उम्मीदवारों का मनोबल टूटता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा मजबूत नहीं की गई, तो देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं पर लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है।
फिलहाल पूरे देश की नजर अब CBI जांच पर टिकी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जांच एजेंसी इस नेटवर्क के असली चेहरों तक पहुंच पाएगी या फिर मामला केवल कुछ गिरफ्तारियों तक ही सीमित रह जाएगा।
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