गाजियाबाद में वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने 10,22,300 पौधों के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। हर पौधे की जियो टैगिंग, सुरक्षा और सिंचाई सुनिश्चित करने के साथ आम नागरिकों, विद्यार्थियों, संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से भी अभियान में जुड़ने की अपील की गई।
बढ़ते प्रदूषण, घटते हरित क्षेत्र और लगातार बदलते पर्यावरणीय संतुलन के बीच गाजियाबाद प्रशासन ने जिले को हरियाली की नई पहचान देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक रणनीति तैयार कर ली है। इस अभियान का उद्देश्य केवल लाखों पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित कर भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण तैयार करना भी है।
इसी उद्देश्य से मंगलवार को दुर्गावती सभागार, गाजियाबाद में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामाजिक वानिकी विभाग, जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर अभियान की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की।
गाजियाबाद को मिला 10 लाख 22 हजार 300 पौधों का लक्ष्य
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 के वृक्षारोपण महायज्ञ के तहत गाजियाबाद जनपद को कुल 10,22,300 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने सभी कार्यदायी विभागों को निर्देशित किया कि निर्धारित लक्ष्य को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पूरी जिम्मेदारी के साथ धरातल पर उतारा जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी चिन्हित स्थलों का स्वयं निरीक्षण करें और अग्रिम मृदा कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करें ताकि पौधारोपण के समय किसी प्रकार की बाधा न आए।
9 जुलाई तक पौध उठान के निर्देश
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वन विभाग की राजकीय पौधशालाओं से 9 जुलाई 2026 तक पौधों का उठान (लिफ्टिंग) सुनिश्चित कर लिया जाए, ताकि 12 जुलाई को प्रस्तावित महाअभियान में किसी प्रकार की देरी न हो।
उन्होंने कहा कि समयबद्ध तैयारी ही इस अभियान की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी होगी।
सड़कों के किनारे होगी थीमैटिक प्लांटेशन
बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD) को विशेष निर्देश दिए गए कि सड़क किनारे एक ही प्रजाति के वृक्षों का थीमैटिक वृक्षारोपण किया जाए।
प्रशासन का मानना है कि एक जैसी प्रजातियों के पौधों से न केवल सौंदर्य बढ़ेगा बल्कि भविष्य में उनके रखरखाव और संरक्षण में भी सुविधा होगी।

12 जुलाई को होगा वृहद पौधारोपण कार्यक्रम
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 12 जुलाई 2026 को वृक्षारोपण महायज्ञ के तहत जिले के किसी प्रमुख पौधारोपण स्थल पर वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाए।
इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों तथा आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन का उद्देश्य इस अभियान को सरकारी कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय जनआंदोलन का स्वरूप देना है।
हर पौधे की होगी जियो टैगिंग
इस बार वृक्षारोपण अभियान को तकनीक से भी जोड़ा गया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि हरितिमा एप के माध्यम से प्रत्येक पौधारोपण स्थल की जियो टैगिंग की जाए ताकि भविष्य में यह स्पष्ट रूप से पता चल सके कि पौधे कहां लगाए गए हैं और उनकी स्थिति क्या है।
इसके साथ ही पौधों की नियमित निगरानी, सुरक्षा और सिंचाई की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

"एक पौधा जरूर लगाएं और उसकी जिम्मेदारी भी निभाएं"
बैठक के दौरान जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने जिलेवासियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि—
"प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का भी संकल्प ले।"
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है। यदि उनका संरक्षण नहीं किया गया तो अभियान का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
स्कूलों और युवाओं की होगी अहम भूमिका
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को भी इस अभियान का प्रमुख भागीदार बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र अपने माता-पिता के साथ मिलकर कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी स्वयं निभाए।
उनका मानना है कि बचपन से पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित होगी तो आने वाली पीढ़ियां प्रकृति के प्रति अधिक संवेदनशील बनेंगी।
एनजीओ, उद्योग और संस्थानों से भी सहयोग की अपील
जिलाधिकारी ने जिले की सभी—
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औद्योगिक इकाइयों
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निजी कंपनियों
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शिक्षण संस्थानों
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गैर-सरकारी संगठनों (NGO)
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सामाजिक संस्थाओं
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व्यापारिक संगठनों
से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है।
बैठक से पहले अधिकारियों ने किया पौधारोपण
बैठक शुरू होने से पहले विकास भवन परिसर में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़, डीएफओ ईशा तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ तथा अन्य अधिकारियों ने पौधारोपण कर अभियान का संदेश दिया।
अधिकारियों ने यह भी संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।
प्रदूषण से जूझ रहे गाजियाबाद के लिए अहम पहल
गाजियाबाद लंबे समय से देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार के बीच बड़े स्तर पर वृक्षारोपण ही प्रदूषण नियंत्रण का प्रभावी उपाय बन सकता है।
यदि प्रशासन द्वारा तय लक्ष्य के अनुसार 10.22 लाख पौधे लगाए जाते हैं और उनका संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में जिले की हरित आच्छादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 केवल पौधे लगाने का सरकारी अभियान नहीं, बल्कि गाजियाबाद को हरित, स्वच्छ और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित बनाने की व्यापक पहल है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस अभियान की सफलता तभी संभव होगी, जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि, शिक्षण संस्थान, उद्योग, सामाजिक संगठन और आम नागरिक मिलकर इसे जनभागीदारी का आंदोलन बनाएँ। अब निगाहें 12 जुलाई पर हैं, जब गाजियाबाद हरियाली की दिशा में एक नया अध्याय लिखने की तैयारी करेगा।
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