राजस्थान की राजधानी जयपुर के अजमेर बाईपास पर मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में तेज रफ्तार ट्रेलर ने सड़क किनारे खड़े परिवार को कुचल दिया। हादसे में एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि माता-पिता गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे की गवाह बनी। अजमेर बाईपास पर तेज रफ्तार से दौड़ रहे एक ट्रेलर ने सड़क किनारे वाहन का इंतजार कर रहे एक परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि तीन मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भयावह थी कि शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए और शरीर के अंग दूर-दूर तक बिखर गए।
हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद शुरू की। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जयपुर के श्याम नगर थाना क्षेत्र स्थित अजमेर बाईपास पर हुआ। ट्रेलर दिल्ली से अजमेर की ओर जा रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे खड़ा एक परिवार किसी वाहन का इंतजार कर रहा था।
इसी बीच तेज गति से आ रहे ट्रेलर ने अचानक नियंत्रण खो दिया और सीधे परिवार के ऊपर चढ़ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले सब कुछ खत्म हो चुका था।
तीन बच्चों की मौके पर मौत, माता-पिता जिंदगी की जंग लड़ रहे
जयपुर ट्रैफिक पुलिस के एसीपी अमीन हसन के अनुसार हादसे में एक दंपती और उनके तीन बच्चे ट्रेलर की चपेट में आ गए। तीनों बच्चों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि माता-पिता गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई हादसे की भयावह कहानी
हादसे के चश्मदीदों के मुताबिक ट्रेलर की रफ्तार काफी तेज थी। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही सेकंड में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद सड़क पर भयावह दृश्य था। शवों के टुकड़े दूर-दूर तक बिखरे पड़े थे और घटनास्थल पर मौजूद लोग यह मंजर देखकर स्तब्ध रह गए। कई लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जबकि कुछ लोग घायलों को बचाने में जुट गए।
पुलिस के पहुंचने से पहले स्थानीय लोग बने मददगार
घटना की सूचना मिलते ही जयपुर पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को संभालना शुरू कर दिया था।
रेस्क्यू टीम ने सड़क पर फैले मलबे और दुर्घटनाग्रस्त हिस्सों को हटाकर यातायात को सामान्य करने का प्रयास किया। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ट्रेलर चालक ने वाहन पर नियंत्रण कैसे खोया। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि हादसा चालक की लापरवाही, तेज रफ्तार, नींद, वाहन की तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से हुआ।
पुलिस ने ट्रेलर को कब्जे में ले लिया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी ताकि दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों और बाईपास मार्गों पर तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार सड़क किनारे खड़े यात्रियों के लिए सुरक्षित प्रतीक्षा स्थल नहीं होने के कारण ऐसे हादसे और भी घातक साबित होते हैं। वहीं ओवरस्पीडिंग और भारी वाहनों की निगरानी भी सड़क सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
पहले भी इसी इलाके में हो चुका है बड़ा हादसा
यह वही इलाका है जहां दिसंबर 2024 में देश के सबसे भयावह सड़क हादसों में से एक हुआ था।
जयपुर-अजमेर हाईवे पर भांकरोटा के पास एलपीजी गैस से भरे एक टैंकर की दूसरे ट्रक से टक्कर हो गई थी। टक्कर के बाद टैंकर में भीषण आग लग गई और आग ने आसपास चल रहे कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।

उस हादसे में कई लोग अपनी गाड़ियों से बाहर निकलने तक का मौका नहीं पा सके और जिंदा जल गए थे। उस दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे।
लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं ने इस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर फिर बहस तेज कर दी है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
जयपुर पुलिस का कहना है कि दुर्घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना का वास्तविक कारण क्या था और चालक की भूमिका कितनी जिम्मेदार थी। यदि लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है। एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क पर एक छोटी सी चूक भी कई जिंदगियों को हमेशा के लिए बदल सकती है।
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