DTC बसों में लागू पिंक कार्ड को लेकर विवाद गहराया। BJP ने AAP पर महिलाओं को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि एक घंटे में कई बार कार्ड इस्तेमाल किया जा सकता है।
दिल्ली की सड़कों पर चल रही DTC बसों में महिलाओं के लिए लागू पिंक कार्ड योजना अब सियासी बहस का केंद्र बन गई है। जहां एक ओर आम आदमी पार्टी पर इस योजना को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगा है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने खुलकर इस मुद्दे पर जवाब दिया है।
दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा और सांसद कमलजीत सहरावत ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि पिंक कार्ड को लेकर फैलाया जा रहा “एक घंटे का नियम” पूरी तरह झूठ और दुष्प्रचार है।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कुछ वीडियो रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि अगर कोई महिला DTC बस में एक बार पिंक कार्ड टैप करती है, तो वह अगले एक घंटे तक इसे दोबारा इस्तेमाल नहीं कर सकती। इस दावे ने महिलाओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी।
इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि यह जानकारी पूरी तरह गलत है और जानबूझकर महिलाओं को गुमराह करने के लिए फैलाई जा रही है।
BJP का दावा: ग्राउंड टेस्ट में निकला सच
BJP अध्यक्ष ने बताया कि उनकी महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने खुद इस दावे की जांच की। उन्होंने अलग-अलग बसों में सफर करके केवल आधे घंटे के भीतर तीन बार पिंक कार्ड का सफलतापूर्वक उपयोग किया।
उन्होंने कहा, “यह कहना कि एक बार इस्तेमाल के बाद एक घंटे तक कार्ड काम नहीं करेगा, पूरी तरह दुष्प्रचार है।”
AAP पर आरोप
BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी कुछ वीडियो जर्नलिस्टों का इस्तेमाल करके इस तरह की भ्रामक जानकारी फैला रही है, ताकि महिलाओं के बीच भ्रम और असंतोष पैदा किया जा सके।
हालांकि, इस मामले पर आम आदमी पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सियासी बयानबाजी ने इस मुद्दे को गरमा दिया है।
महिलाओं से अपील
वीरेन्द्र सचदेवा ने दिल्ली की महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे बिना किसी डर या भ्रम के पिंक कार्ड का इस्तेमाल करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह सुविधा पूरी तरह सुरक्षित और उपयोग में आसान है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं DTC की ई-बसों और “देवी बसों” में पिंक कार्ड या पिंक टिकट के जरिए आराम से यात्रा कर सकती हैं।
पिंक टिकट भी रहेगा जारी
BJP अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि लाखों महिलाओं के लिए पिंक कार्ड बनाना एक समय लेने वाली प्रक्रिया है, इसलिए आने वाले कुछ महीनों तक बसों में पिंक टिकट की सुविधा भी जारी रहेगी।
इसके साथ ही DTC को निर्देश दिए गए हैं कि जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों के माध्यम से लोगों के बीच जाकर पिंक कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को तेज किया जाए।
इस विवाद ने एक बार फिर दिल्ली की राजनीति में महिला योजनाओं को लेकर टकराव को उजागर कर दिया है। जहां एक ओर सरकार की योजनाओं पर भरोसा बनाए रखने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप से आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति भी बनती दिख रही है।
फिलहाल, सच्चाई क्या है, यह जानने के लिए महिलाओं को खुद इस सुविधा का उपयोग कर अनुभव लेना होगा।
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