5 जनवरी से शुरू हो रहे दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में वायु प्रदूषण, तीन अहम CAG रिपोर्ट और ‘फांसी घर’ विवाद पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने होंगे।
दिल्ली विधानसभा का चार दिवसीय शीतकालीन सत्र सोमवार, 5 जनवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसमें बड़े राजनीतिक हंगामे के आसार हैं। सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे उपराज्यपाल के संबोधन से होगी। इस दौरान राजधानी के गंभीर वायु प्रदूषण, यानी बढ़ते AQI स्तर, और उससे निपटने के लिए अब तक किए गए उपायों की प्रभावशीलता पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
सत्र के दौरान रेखा गुप्ता सरकार तीन महत्वपूर्ण नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) रिपोर्ट सदन में पेश करेगी। ये रिपोर्टें अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते पुनर्निर्मित बंगले, दिल्ली जल बोर्ड के कामकाज और आम आदमी पार्टी के शासनकाल में दिल्ली सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों से जुड़ी होंगी। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री आवास को ‘शीशमहल’ नाम देकर इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया था।

इसके अलावा, दिल्ली विधानसभा में ‘फांसी घर’ की प्रामाणिकता को लेकर भी एक बार फिर बहस छिड़ने वाली है। विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति इस संबंध में प्रस्ताव पेश कर सकती है। मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दावा किया था कि जिस संरचना का उद्घाटन 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ‘फांसी घर’ के रूप में किया था, वह दरअसल अभिलेखों के अनुसार एक ‘टिफिन कक्ष’ थी। उन्होंने 1912 के विधानसभा परिसर के नक्शे का हवाला देते हुए कहा था कि फांसी दिए जाने से जुड़ा कोई दस्तावेजी प्रमाण मौजूद नहीं है।
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह शीतकालीन सत्र सुव्यवस्थित विचार-विमर्श, पारदर्शिता और जिम्मेदार विधायी आचरण का प्रतिबिंब होगा। उन्होंने सत्र की तैयारियों को लेकर विधानसभा सचिवालय और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की है।
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