दिल्ली विधानसभा के शीत सत्र के पहले दिन प्रदूषण को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने दिखे। AAP ने मास्क पहनकर प्रदर्शन किया तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संवाद और समाधान पर जोर दिया।
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आगाज सोमवार को बेहद हंगामेदार माहौल में हुआ। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच शुरू हुए सत्र के पहले ही दिन सदन के भीतर और बाहर सियासी पारा सातवें आसमान पर नजर आया। एक ओर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पक्ष और विपक्ष के विधायकों का स्वागत करते हुए रचनात्मक सहयोग की अपील की, वहीं दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रदूषण के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही AAP विधायकों ने विधानसभा परिसर में विरोध मार्च निकाला। सभी विधायक चेहरे पर फैक्टरी मास्क लगाए हुए थे, जो दिल्ली की जहरीली होती हवा का प्रतीक बताया गया। हाथों में तख्तियां और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए AAP ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ AAP नेता आतिशी मर्लेना ने मास्क लगाए मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली के लोग खुली हवा में सांस तक नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही ने पूरी राजधानी को “गैस चैंबर” में बदल दिया है और विपक्ष सदन में इसी सच्चाई को उजागर करेगा।
विपक्ष के आक्रामक तेवरों के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्र की शुरुआत बेहद सधे हुए अंदाज में की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा सत्र शोर-शराबे के लिए नहीं, बल्कि ‘पॉलिसी और डिलीवरी’ के लिए बुलाया गया है। प्रदूषण के मुद्दे पर सीएम ने कहा कि सरकार भाग नहीं रही है, बल्कि स्वयं चर्चा का आमंत्रण दे रही है। उन्होंने सभी विधायकों से अपील की कि दिल्ली के वर्तमान और भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस सत्र के हर क्षण का उपयोग जनता के हित में किया जाए।
COMMENTS