नई दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मुलाकात को उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस बैठक ने आगामी रणनीति को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
दिनांक 05 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय रासायनिक, उर्वरक व स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में संगठनात्मक मजबूती, मंत्रिमंडलीय संतुलन और आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो चुकी हैं।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जेपी नड्डा के बीच संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय, केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पार्टी की भविष्य की रणनीति पर विस्तृत मंथन हुआ। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि किस प्रकार योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।

राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के दिनों में भाजपा संगठन और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े कुछ फैसलों और संकेतों ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है। ऐसे में यह बैठक पार्टी के अंदरूनी समीकरणों और आने वाले फैसलों की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संवाद इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारतीय जनता पार्टी आने वाले समय में एक मजबूत, संतुलित और परिणामोन्मुखी रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को और सशक्त करना, सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और राजनीतिक संतुलन बनाए रखना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। यह मुलाकात उसी रणनीतिक तैयारी का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
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