नोएडा के डूब क्षेत्र में करीब 3 हजार बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद सियासत गरमा गई है। चोटपुर में सपा ने सभा कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की और विभाग को 48 घंटे का समय दिया। सपा ने सोमवार से हजारों कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन की चेतावनी दी है।
नोएडा के डूब क्षेत्र में बिजली के अवैध कनेक्शन काटे जाने का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। चोटपुर कॉलोनी में सपा ने सभा कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की और बिजली विभाग को 48 घंटे का समय दिया है। पार्टी का दावा है कि करीब 3 हजार कनेक्शन काटे जाने से लगभग 50 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, विभाग की कार्रवाई के पीछे लंबे समय से चल रही अवैध बिजली आपूर्ति को लेकर शासन की सख्ती बताई जा रही है।
नोएडा के डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद अब मामला सिर्फ बिजली विभाग की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा है। इस मुद्दे ने सियासी रंग पकड़ लिया है। एक तरफ बिजली विभाग अवैध कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ने प्रभावित लोगों के साथ सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है।
शुक्रवार को चोटपुर कॉलोनी में समाजवादी पार्टी की ओर से एक सभा आयोजित की गई। सभा में पार्टी नेताओं ने बिजली कनेक्शन काटे जाने को लेकर नाराजगी जताई और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। सपा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने बिजली विभाग को साफ तौर पर 48 घंटे का समय दिया है।
48 घंटे में बिजली नहीं जुड़ी तो सड़क पर उतरने का ऐलान
चोटपुर में आयोजित सभा में सपा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि अगर बिजली विभाग ने अगले 48 घंटे में काटे गए कनेक्शन नहीं जोड़े और बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की, तो पार्टी के हजारों कार्यकर्ता प्रभावित लोगों के साथ सोमवार से सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
सपा नेताओं का कहना है कि चोटपुर कॉलोनी में करीब 3,000 बिजली कनेक्शन काटे गए हैं, जिसके चलते लगभग 50,000 लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। पार्टी ने मांग की है कि प्रभावित कॉलोनी में बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल की जाए।
सिर्फ बिजली जोड़ने की मांग ही नहीं, बल्कि जिन परिवारों के कनेक्शन काटे गए हैं, उनके लिए नियमानुसार नए बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी तत्काल शुरू करने की मांग की गई है।
सपा नेताओं ने कहा कि अगले 48 घंटे में यदि बिजली विभाग की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो सोमवार से आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा नोएडा की राजनीति में और गरमाने की संभावना है।
आखिर क्यों काटे गए हजारों बिजली कनेक्शन?
दरअसल, नोएडा के डूब क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बिजली कनेक्शनों और बिजली आपूर्ति को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मामला उस समय ज्यादा गंभीर हो गया, जब शासन स्तर से इस पर नाराजगी सामने आई।
कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद बिजली विभाग ने डूब क्षेत्र में अवैध बिजली कनेक्शनों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया था। इसी कार्रवाई के दौरान करीब 3 हजार बिजली कनेक्शन काटे गए।
कार्रवाई सिर्फ कनेक्शन काटने तक सीमित नहीं रही। बिजली विभाग की ओर से 19 लोगों के खिलाफ विजिलेंस थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया। इससे साफ है कि विभाग इस पूरे मामले को लंबे समय से चल रही अनधिकृत बिजली आपूर्ति के तौर पर देख रहा है।
लेकिन अब इसी कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में स्थानीय लोग बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। यही वजह है कि राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को जनता की परेशानी से जोड़ना शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने मांगा था यूपी पावर कॉरपोरेशन से जवाब
इस पूरे मामले की शुरुआत भी काफी गंभीर शिकायतों के बाद हुई थी। छिजारसी के डूब क्षेत्र में लंबे समय से चल रही अवैध बिजली आपूर्ति को लेकर स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मामले की जानकारी दी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने यूपी पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन से जवाब मांगा था। इसके बाद बिजली विभाग हरकत में आया और पुलिस के साथ मिलकर डूब क्षेत्र में अभियान चलाया गया।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान उन कनेक्शनों को निशाना बनाया गया, जिन्हें विभाग अवैध या अनधिकृत मान रहा था। इसी अभियान में हजारों कनेक्शन काटे गए और 19 लोगों के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई भी हुई।
अब सवाल बिजली से आगे राजनीति का है
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अवैध कनेक्शन के खिलाफ कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों को वैध बिजली कनेक्शन कब मिलेगा? बिजली विभाग की कार्रवाई अपने स्थान पर है, लेकिन दूसरी ओर हजारों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी बिजली कटने से प्रभावित हो रही है।
समाजवादी पार्टी ने इसी परेशानी को आधार बनाकर आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देकर प्रशासन और बिजली विभाग के सामने सीधी चुनौती खड़ी कर दी है।
अगर इस अवधि में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती है, तो सोमवार से सपा कार्यकर्ताओं के सड़क पर उतरने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि बिजली विभाग इस राजनीतिक दबाव के बीच क्या कदम उठाता है। क्या काटे गए कनेक्शनों को फिर जोड़ा जाएगा, या नियमों के तहत प्रभावित परिवारों के लिए नए कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू होगी? और सबसे बड़ा सवाल—सोमवार को सपा का आंदोलन कितना बड़ा रूप लेगा?
फिलहाल, नोएडा के डूब क्षेत्र में बिजली का मुद्दा अंधेरे से निकलकर सीधे सियासत के केंद्र में पहुंच चुका है।
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