गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ग्रेटर नोएडा में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी नागरिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 14 लाख रुपये मूल्य की 143 ग्राम MDMA, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, स्कूटी और नकदी बरामद हुई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हाई-राइज सोसाइटियों तक प्रतिबंधित ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था। थाना बीटा-2 पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ग्रेटर नोएडा की संयुक्त टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक विदेशी नागरिक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 143 ग्राम MDMA, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 14 लाख रुपये बताई जा रही है, बरामद की है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक स्कूटी और 17,500 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
गोपनीय सूचना बनी कार्रवाई की सबसे बड़ी कड़ी
पुलिस के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को थाना बीटा-2 और SOG टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग ग्रेटर नोएडा के चाई-4 क्षेत्र में प्रतिबंधित मादक पदार्थ की खेप लेकर आने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम ने जनता फ्लैट सर्विस रोड पर घेराबंदी की।
जैसे ही संदिग्ध वहां पहुंचे, पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण कसाना, अतुल सिंह तथा CHIDUBEM STANLEY के रूप में हुई। तीसरा आरोपी नाइजीरिया का नागरिक है और फिलहाल दिल्ली के उत्तम नगर क्षेत्र में रह रहा था।
143 ग्राम MDMA, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और नकदी बरामद
पुलिस तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 143 ग्राम MDMA बरामद हुई। जांच अधिकारियों के अनुसार यह सिंथेटिक ड्रग अंतरराष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक महंगी मानी जाती है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 14 लाख रुपये है।
इसके अलावा आरोपियों के पास से—
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143 ग्राम MDMA
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एक इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल तराजू
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एक स्कूटी (रजिस्ट्रेशन नंबर UP14HE2973)
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17,500 रुपये नकद
भी बरामद किए गए। पुलिस का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक तराजू का उपयोग ड्रग्स की छोटी-छोटी पुड़ियां तैयार करने के लिए किया जाता था।
सोसाइटियों को बनाया था ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क
पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से ड्रग्स तस्करी का कारोबार चला रहे थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह पहले कम कीमत पर MDMA खरीदता था और फिर उसे छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक कर दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की विभिन्न आवासीय सोसाइटियों में ऊंचे दामों पर बेचता था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क केवल सड़क स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि संभावित ग्राहकों तक सीधे पहुंच बनाकर संगठित तरीके से मादक पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी।
विदेशी नागरिक निकला गिरोह का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सबसे अहम खुलासा यह हुआ कि गिरफ्तार विदेशी नागरिक CHIDUBEM STANLEY इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह वर्ष 2025 में दिल्ली में भी NDPS एक्ट के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उस मामले में जेल जाने के बाद वह फिलहाल जमानत पर बाहर था। पुलिस को आशंका है कि जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क सक्रिय कर लिया।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसके संपर्क किन-किन राज्यों और देशों तक फैले हुए हैं तथा वह ड्रग्स की खेप कहां से मंगाता था।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
गिरफ्तार आरोपियों में पहला आरोपी अरुण कसाना है, जो वर्तमान में गाजियाबाद के विजयनगर क्षेत्र में रह रहा था। दूसरा आरोपी अतुल सिंह ग्रेटर नोएडा की सम्पूर्णम सोसाइटी में रहता है। तीसरा आरोपी CHIDUBEM STANLEY मूल रूप से नाइजीरिया के लागोस का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली के उत्तम नगर क्षेत्र में रह रहा था।
पुलिस इन तीनों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है, ताकि ड्रग्स नेटवर्क की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना बीटा-2 में NDPS एक्ट की धारा 8, 21, 27A और 37 के साथ-साथ विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
इसके अलावा विदेशी आरोपी के खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच में दर्ज वर्ष 2025 के NDPS मामले को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
पुलिस की जांच अब बड़े नेटवर्क पर केंद्रित
गौतमबुद्धनगर पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं, ड्रग्स की सप्लाई किस माध्यम से हो रही थी और किन इलाकों में इसका वितरण किया जा रहा था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों या अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
युवाओं को नशे से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई
विशेषज्ञों का मानना है कि MDMA जैसे सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता प्रचलन युवाओं के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में गौतमबुद्धनगर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क पर प्रहार है, बल्कि समाज को नशे के कारोबार से बचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि ऐसे नेटवर्क को समय रहते समाप्त किया जा सके।
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