गौतमबुद्धनगर पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा किया है जो ऑनलाइन फर्जी फ्रेंडशिप क्लब के माध्यम से लोगों को बुलाकर सुनसान स्थानों पर लूटपाट करता था। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में प्रयुक्त दो कारें और अन्य सामान बरामद किया है।
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ऑनलाइन फर्जी फ्रेंडशिप क्लब बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था और फिर सुनसान स्थानों पर ले जाकर उनके साथ लूटपाट की वारदात को अंजाम देता था। थाना सेक्टर-24 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के 2 पुरुष आरोपियों, 3 महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हाल ही में लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट और ऑरा कार, तथा एक अवैध चाकू भी बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।
खरगोश पार्क के पास बिछाया गया जाल
पुलिस के अनुसार 3 जुलाई 2026 को थाना सेक्टर-24 की टीम को सूचना मिली कि लूटपाट करने वाला गिरोह सेक्टर-54 स्थित खरगोश पार्क के आसपास मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की और मौके से ओमवीर यादव, मंजेश यादव, निधि यादव, प्रियंका यादव तथा काजल उर्फ रिया यादव को गिरफ्तार कर लिया। इनके साथ मौजूद एक नाबालिग को भी अभिरक्षा में लिया गया।
ऐसे चलता था फर्जी फ्रेंडशिप क्लब का पूरा खेल
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी फ्रेंडशिप क्लब बना रखा था। गिरोह का एक सदस्य पंकज यादव संभावित ग्राहकों से संपर्क करता था और उन्हें महिलाओं से मुलाकात का झांसा देकर बुलाता था।
जब कोई व्यक्ति संपर्क करता, तो गिरोह की महिला सदस्य उससे मिलने पहुंचतीं और उसे अपनी कार में बैठा लेतीं। इसके बाद उसे किसी सुनसान इलाके में ले जाया जाता, जहां पहले से मौजूद गिरोह के अन्य सदस्य वारदात को अंजाम देते थे।
गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। वारदात के समय एक कार में तीन-चार सदस्य पीड़ित के साथ रहते, जबकि दूसरी कार कुछ दूरी पर बैकअप के रूप में चलती थी ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।
फॉर्च्यूनर लूट की वारदात का भी हुआ खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपी ओमवीर यादव ने बताया कि 30 जून 2026 की रात उन्होंने सेक्टर-54 स्थित पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति को निशाना बनाया था।
गिरोह ने पहले पीड़ित को अपनी स्विफ्ट कार में बैठाया। इसके बाद उसका मोबाइल फोन जबरन छीन लिया और मारपीट कर मोबाइल का लॉक खुलवाया। आरोपियों ने मोबाइल से UPI के माध्यम से लगभग 18 हजार रुपये अपने विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए।
इसके बाद पीड़ित की जेब से पर्स और उसकी फॉर्च्यूनर कार की चाबी छीन ली गई तथा उसकी कार लेकर आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार उसी लूटी गई फॉर्च्यूनर कार को अब बरामद कर लिया गया है।
वारदात में दो कारों का होता था इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह वारदात के दौरान दो अलग-अलग कारों का उपयोग करता था।
पहली कार में पीड़ित को बैठाकर वारदात को अंजाम दिया जाता था, जबकि दूसरी कार में गिरोह के अन्य सदस्य पीछे-पीछे चलते थे ताकि आवश्यकता पड़ने पर सहयोग किया जा सके या पुलिस से बचकर भागने में मदद मिल सके।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान स्विफ्ट कार, ऑरा कार और लूटी गई फॉर्च्यूनर तीनों वाहन बरामद कर लिए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में—
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ओमवीर यादव (फिरोजाबाद)
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मंजेश यादव (फिरोजाबाद)
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निधि यादव (औरैया)
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प्रियंका यादव (फिरोजाबाद)
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काजल उर्फ रिया यादव (मैनपुरी)
शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक बाल अपचारी को भी अभिरक्षा में लिया गया है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों पंकज यादव, जीतू यादव उर्फ छोटू, रिशु यादव और अभिषेक यादव के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस ने बताया कि इन सभी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
इन धाराओं में दर्ज हुए मुकदमे
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-24 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं। बरामद अवैध चाकू के आधार पर भी अलग से कार्रवाई की गई है।
पुलिस की अपील
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या ऑनलाइन माध्यम से संचालित किसी भी फ्रेंडशिप क्लब, डेटिंग ऑफर या संदिग्ध कॉल पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। अनजान लोगों से मिलने से पहले उनकी पहचान की पुष्टि करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस का कहना है कि साइबर माध्यमों का दुरुपयोग कर लोगों को जाल में फंसाने वाले गिरोहों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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