गौतमबुद्ध नगर में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर सात ट्रकों/डंपरों पर बड़ी कार्रवाई की। मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान करते हुए ₹8.50 लाख का शमन शुल्क वसूला गया। एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
गौतमबुद्ध नगर में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और नियमों की अनदेखी कर सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड भारी वाहनों पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर के दिशा-निर्देशों पर परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस ने सेक्टर-126 थाना क्षेत्र में संयुक्त प्रवर्तन अभियान चलाते हुए सात ओवरलोड ट्रकों और डंपरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत सभी वाहनों का चालान किया गया और कुल ₹8.50 लाख का शमन शुल्क वसूल किया गया।
यह कार्रवाई प्रशासन की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले ओवरलोड वाहनों पर सख्ती बरती जा रही है।
संयुक्त अभियान में परिवहन विभाग और पुलिस ने दिखाई सख्ती
सेक्टर-126 थाना क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान में परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से भारी वाहनों की जांच की। अभियान के दौरान ऐसे ट्रकों और डंपरों को चिन्हित किया गया, जो निर्धारित क्षमता से अधिक माल लेकर सड़कों पर चल रहे थे।
जांच में कुल 7 बड़े ओवरलोड वाहनों को नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही इन वाहनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए चालान किए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत शमन शुल्क जमा कराया।

₹8.50 लाख का शमन शुल्क वसूला गया
कार्रवाई के दौरान पकड़े गए सातों वाहनों से कुल 8 लाख 50 हजार रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोडिंग केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक हित के लिए गंभीर खतरा भी है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत ओवरलोडिंग पर निर्धारित दंडात्मक प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है और भविष्य में भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
ओवरलोड वाहन सड़क हादसों का बड़ा कारण
अभियान का नेतृत्व कर रहे एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पाण्डेय ने कहा कि ओवरलोड वाहन सड़क सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हैं। ऐसे वाहन न केवल सड़कों और पुलों को समय से पहले क्षतिग्रस्त करते हैं, बल्कि आम लोगों की जान भी जोखिम में डालते हैं।
उन्होंने बताया कि जब किसी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक भार लादा जाता है, तो उसके ब्रेकिंग सिस्टम, टायर और संतुलन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में अचानक ब्रेक फेल होना, वाहन का नियंत्रण खो देना या पलट जाना जैसी घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। यही वजह है कि सड़क दुर्घटनाओं में ओवरलोड वाहनों की भूमिका अक्सर सामने आती है।
'सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं'
डॉ. उदित नारायण पाण्डेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गौतमबुद्ध नगर में सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस विषय पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा,
"परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें जिले के विभिन्न मार्गों पर लगातार सक्रिय हैं। भविष्य में भी ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालित होने वाले तथा फिटनेस मानकों का उल्लंघन करने वाले व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ शून्य-सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे अभियान केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।

सड़कों की उम्र भी घटाते हैं ओवरलोड वाहन
विशेषज्ञों के अनुसार ओवरलोड ट्रक और डंपर केवल दुर्घटनाओं का खतरा नहीं बढ़ाते, बल्कि सड़क अवसंरचना को भी गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। निर्धारित क्षमता से अधिक भार होने के कारण सड़कें तेजी से टूटती हैं, जिससे सरकार को मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है और आम लोगों को खराब सड़कों के कारण परेशानी उठानी पड़ती है।
परिवहन विभाग का मानना है कि यदि ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए तो सड़क सुरक्षा के साथ-साथ सार्वजनिक संसाधनों की भी बेहतर सुरक्षा की जा सकती है।
ट्रांसपोर्टरों और वाहन स्वामियों से की गई अपील
अभियान के बाद परिवहन विभाग ने सभी ट्रांसपोर्टरों, वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की कि वे निर्धारित मानक क्षमता के अनुसार ही माल का परिवहन करें। विभाग ने कहा कि नियमों का पालन न केवल कानूनी दायित्व है, बल्कि यह चालक, अन्य वाहन चालकों और आम नागरिकों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई वाहन ओवरलोड, बिना वैध परमिट या फिटनेस प्रमाणपत्र के साथ संचालित पाया गया तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलेभर में जारी रहेगा विशेष अभियान
परिवहन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी। जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों, औद्योगिक क्षेत्रों और निर्माण सामग्री ले जाने वाले रूटों पर भी इसी प्रकार के संयुक्त चेकिंग अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे।
प्रशासन का मानना है कि लगातार निगरानी और सख्त प्रवर्तन से ओवरलोडिंग की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा और सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।
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