नई दिल्ली में आयोजित AI Summit के पहले दिन अव्यवस्था के बाद केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माफी मांगी। सरकार ने बेहतर अनुभव का भरोसा दिया और 200 बिलियन डॉलर निवेश की संभावना जताई
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे AI Summit के पहले दिन अव्यवस्था की खबरों के बाद केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे और आईटी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है।
16 फरवरी से 20 फरवरी तक चलने वाले इस वैश्विक एआई समिट में दुनियाभर के टेक लीडर्स, स्टार्टअप फाउंडर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। पहले दिन व्यवस्थागत चुनौतियों के चलते कई प्रतिभागियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
“बेहतर अनुभव सुनिश्चित करेंगे”
मीडिया को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा,
“एआई समिट के पहले दिन जिन लोगों को अव्यवस्था की वजह से परेशानी हुई, उनसे हम क्षमा मांगते हैं। सरकार दुनिया के इस बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इवेंट में लोगों को बेहतर एक्सपीरियंस देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा एआई इवेंट है और जिस तरह का रिस्पॉन्स मिला है, वह अभूतपूर्व है। मंत्री ने दावा किया कि अब इवेंट का प्रबंधन स्मूद है और यदि किसी को कोई फीडबैक हो तो सरकार खुले मन से उसका स्वागत करेगी।

भारत मंडपम में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि पूरी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है ताकि प्रतिभागियों को सहज और बेहतर अनुभव मिल सके।
“एआई पांचवीं औद्योगिक क्रांति”
AI Summit में संबोधन देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह समिट देश में नई ऊर्जा का संचार कर रहा है।
उन्होंने एआई को दुनिया की “पांचवीं औद्योगिक क्रांति” करार दिया और कहा कि इस आयोजन के बाद अगले दो वर्षों में 200 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है, जो भविष्य में एआई इनोवेशन को बढ़ावा देगा।
NVIDIA CEO शामिल नहीं
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि Jensen Huang, सीईओ NVIDIA, इस बार समिट में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि जरूरी योजनाओं के चलते वे उपस्थित नहीं रह पाएंगे, हालांकि उनकी जगह कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भारत आ रहे हैं।
गौरतलब है कि एआई क्षेत्र में काम करने वाली कई भारतीय कंपनियों में NVIDIA का बड़ा निवेश है।
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