रेल मंत्रालय ने उत्तर रेलवे के अत्यधिक व्यस्त अंबाला–जालंधर कॉरिडोर में भीड़ कम करने के उद्देश्य से 13.46 किमी लंबी राजपुरा बाईपास रेल लाइन को स्वीकृति प्रदान की है।
उत्तर रेलवे के सबसे व्यस्त रेल खंडों में से एक पर बढ़ती भीड़भाड़ को कम करने की दिशा में रेल मंत्रालय ने एक बड़ा और अहम निर्णय लिया है। मंत्रालय ने राजपुरा बाईपास रेल लाइन परियोजना को औपचारिक मंजूरी दे दी है, जिसकी अनुमानित लागत 411.96 करोड़ रुपये है। यह जानकारी रेल राज्य मंत्री एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह ने मीडिया को दी।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना को रेलवे बोर्ड की अनुशंसा के बाद माननीय रेल मंत्री की स्वीकृति प्राप्त हुई है। स्वीकृत कार्य के तहत न्यू शंभू स्थित समर्पित माल गलियारा (DFC) स्टेशन को राजपुरा–बठिंडा रेल लाइन के काउली स्टेशन से जोड़ने के लिए 13.46 किलोमीटर लंबी नई बाईपास रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना भारतीय रेल की “अम्ब्रेला वर्क 2025-26” योजना के अंतर्गत नई रेल लाइन परियोजनाओं में शामिल है।

रेल राज्य मंत्री ने बताया कि अंबाला–जालंधर खंड उत्तर रेलवे के सबसे व्यस्त कॉरिडोरों में से एक है और वर्तमान में राजपुरा यार्ड अपनी पूर्ण क्षमता पर कार्य कर रहा है। यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो वर्ष 2030-31 तक लाइन क्षमता उपयोग 165 प्रतिशत से अधिक होने का अनुमान है, जिससे रेल संचालन पर गंभीर दबाव पड़ेगा।
नई बाईपास लाइन के निर्माण से ट्रेनें राजपुरा यार्ड की भीड़ से बचते हुए सीधे आवागमन कर सकेंगी। इससे न केवल यात्री ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी, बल्कि मालगाड़ियों की गति और दक्षता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। न्यू शंभू डीएफसी से सीधा संपर्क स्थापित होने से माल ढुलाई प्रणाली और अधिक सशक्त होगी।
यह परियोजना क्षेत्र में रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगी।
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