गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 495 करोड़ रुपये की गोड़धोइया नाला पुनरोद्धार परियोजना का निरीक्षण किया और जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि इस परियोजना से उत्तरी क्षेत्र के 17 वार्डों को जलभराव से राहत मिली है। उन्होंने सपा शासन में भूमाफियाओं द्वारा लोगों को ठगे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने प्रभावित लोगों को सम्मानजनक मुआवजा दिया। साथ ही सड़क, फुटपाथ, रेलिंग, लाइटिंग और हरित विकास की भी घोषणा की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर दौरे के दौरान लगभग 495 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही गोड़धोइया नाला पुनरोद्धार परियोजना का दो स्थानों—फातिमा हॉस्पिटल के पास और जेल बाईपास के समीप—स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को गोरखपुर के लिए एक ऐतिहासिक विकास कार्य बताते हुए दावा किया कि इसके कारण शहर के उत्तरी क्षेत्र के 17 वार्डों को जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिली है। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने और सरकारी जमीनों पर गलत इंदराज कर लोगों को ठगने का आरोप भी लगाया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब गोड़धोइया नाला परियोजना शुरू की गई, तब पता चला कि नाले के आसपास की सरकारी जमीनों को गलत तरीके से दर्ज कर भूमाफियाओं ने लोगों को बेच दिया था। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को उनकी सरकार ने दोषी नहीं माना, बल्कि जिन लोगों के नाम भूमि अभिलेखों में दर्ज थे, उन्हें सम्मानजनक मुआवजा देकर न्याय दिलाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी निर्दोष नागरिक को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि विकास और न्याय दोनों को साथ लेकर चलना है।
जनता के सहयोग से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोड़धोइया नाला का पुनरोद्धार केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं था, बल्कि इसमें स्थानीय नागरिकों का सकारात्मक सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि विकास तभी सफल होता है जब जनता जागरूक होकर प्रशासन का साथ देती है। इसी जनसहयोग के कारण आज यह परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
17 वार्डों को जलभराव से मिली राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र के 17 वार्ड हर वर्ष बारिश के दौरान जलमग्न हो जाते थे। लोगों के घरों और सड़कों पर पानी भर जाता था, जिससे जनजीवन प्रभावित होता था। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में लगभग 15 घंटे तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बावजूद इन वार्डों में जलभराव नहीं हुआ।

उनके अनुसार, पुनर्जीवित गोड़धोइया नाला पूरे वर्षा जल को अपने साथ बहाकर ले गया, जिससे शहर में जलभराव की स्थिति नहीं बनी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब शहर के अन्य प्रमुख नालों का भी इसी प्रकार पुनरोद्धार हो जाएगा, तब गोरखपुर में कहीं भी बारिश का पानी जमा नहीं होगा।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि गोड़धोइया नाला अब लगभग 9.50 किलोमीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा विकसित किया गया है। इसके साथ 18 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जा रही है, जिससे भविष्य में सीवर का पानी सीधे नाले में नहीं गिरेगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत 36 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तैयार हो चुका है। इसके अलावा 61 एमएलडी क्षमता का मास्टर पंप स्टेशन (एमपीएस) और 14 पुलों का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अगले चरण में नाले के दोनों किनारों पर सड़कें बनाई जाएंगी। इसके साथ रेलिंग, फुटपाथ, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे ताकि भविष्य में कोई दुर्घटना न हो।
50 से 100 वर्षों तक नहीं होगा जलभराव : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि लोग नाले में कूड़ा-कचरा नहीं डालेंगे और किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होने देंगे, तो यह परियोजना अगले 50 से 100 वर्षों तक शहर को जलभराव से बचाने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि वर्षा का पानी गोड़धोइया नाला होते हुए रामगढ़ताल, तरकुलानी और फिर राप्ती नदी तक आसानी से पहुंच सकेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि नाले में दोबारा कूड़ा डाला गया या अतिक्रमण हुआ तो जलभराव, गंदगी और बीमारियों की समस्या फिर लौट सकती है। इसलिए प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
हरियाली और बेहतर शहरी विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने नाले के दोनों किनारों पर बड़े स्तर पर पौधरोपण करने की अपील की। उनका कहना था कि यदि इस पूरे क्षेत्र को हरित कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए तो यह केवल जल निकासी का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि शहर की सुंदरता भी बढ़ाएगा।
तीन लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना से गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र की लगभग तीन लाख आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर जल निकासी से लोगों को जलभराव, गंदगी और संक्रामक बीमारियों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि अच्छी सड़कें, स्वच्छ वातावरण और बेहतर आधारभूत सुविधाएं किसी भी शहर के आर्थिक विकास की आधारशिला होती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मोहद्दीपुर-बाईपास, स्पोर्ट्स कॉलेज-बरगदवा, असुरन-मेडिकल कॉलेज और असुरन-पिपराइच जैसे प्रमुख मार्गों के फोरलेन बनने से स्थानीय संपत्तियों का मूल्य कई गुना बढ़ गया है। जहां पहले जमीन की कीमत लगभग एक लाख रुपये थी, वहीं अब उसकी कीमत पांच लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।

बारिश में दिखाई संवेदनशीलता
जनसभा के दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई। मुख्यमंत्री ने देखा कि भीड़ अधिक होने के कारण कई लोग पंडाल के बाहर खड़े हैं। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को निर्देश देकर बाहर मौजूद लोगों को जर्मन हैंगर पंडाल के भीतर बुलाने को कहा। मुख्यमंत्री के इस व्यवहार का लोगों ने तालियों और नारों के साथ स्वागत किया।
रवि किशन और महापौर ने भी की परियोजना की सराहना
गोरखपुर सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को देखकर विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। वहीं महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने गोड़धोइया नाला परियोजना को मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच का उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे महानगर को स्थायी रूप से जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।
कार्यक्रम में गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
COMMENTS