उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने विभागीय समीक्षा बैठक में कहा कि MSME सेक्टर विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव बनेगा। प्रदेश में 96 लाख MSME इकाइयों के जरिए 3 करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है और राज्य के निर्यात में इस सेक्टर का 46% योगदान है।
उत्तर प्रदेश सरकार अब राज्य को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाने के लिए एमएसएमई सेक्टर पर बड़ा दांव लगाने जा रही है। योगी सरकार का मानना है कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी MSME सेक्टर ही विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे मजबूत आर्थिक नींव बन सकता है। इसी दिशा में बुधवार को लखनऊ में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए।
विधानसभा सभागार कक्ष संख्या-80 में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश में उद्यमियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उद्यम स्थापना से लेकर उत्पादन, विपणन और निर्यात तक हर स्तर पर सरकार उद्यमियों को सहयोग प्रदान करेगी।
96 लाख MSME इकाइयों से 3 करोड़ लोगों को रोजगार
बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों ने प्रदेश में MSME सेक्टर की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। बताया गया कि उत्तर प्रदेश में इस समय 96 लाख से अधिक MSME इकाइयां संचालित हैं। इन इकाइयों के माध्यम से लगभग 3 करोड़ लोगों को रोजगार और स्वरोजगार मिल रहा है।
यह आंकड़ा न सिर्फ प्रदेश की आर्थिक ताकत को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि MSME सेक्टर उत्तर प्रदेश की रोजगार व्यवस्था की रीढ़ बन चुका है।

निर्यात में 46 प्रतिशत योगदान
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश के कुल निर्यात में MSME सेक्टर का योगदान लगभग 46 प्रतिशत है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह आंकड़ा बताता है कि छोटे और मध्यम उद्योग अब सिर्फ स्थानीय कारोबार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उत्तर प्रदेश की मजबूत पहचान बना रहे हैं।
सरकार का मानना है कि अगर इस सेक्टर को और आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए तो आने वाले वर्षों में निर्यात में और तेजी आ सकती है।
मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने दिए बड़े निर्देश
कार्यभार संभालने के बाद पहली बड़ी समीक्षा बैठक में मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में MSME विभाग की योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा और उद्यमियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
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उद्यम स्थापना की प्रक्रिया आसान बनाई जाए
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निवेशकों को त्वरित सहायता मिले
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उत्पादन और विपणन में सरकारी सहयोग बढ़ाया जाए
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निर्यात बढ़ाने के लिए नई रणनीति तैयार की जाए
युवाओं और कारीगरों पर विशेष फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना पर भी विशेष जोर दिया गया।
मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि:
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ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाए
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पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाए
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अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का लाभ दिया जाए
सरकार का मानना है कि अगर स्थानीय कारीगरों और युवाओं को सही संसाधन और प्रशिक्षण मिले तो वे बड़े स्तर पर रोजगार सृजन कर सकते हैं।
तकनीकी उन्नयन और सुरक्षा पर भी जोर
मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने ‘मुख्यमंत्री सूक्ष्म उद्यम दुर्घटना बीमा योजना’ और ‘उत्तर प्रदेश सूक्ष्म लघु उद्योग तकनीकी उन्नयन योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि छोटे उद्योगों को सिर्फ वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और सुरक्षा भी उपलब्ध कराना जरूरी है।
इसके तहत:
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मशीनों का आधुनिकीकरण
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डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग
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उत्पादन क्षमता में वृद्धि
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और औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत करने पर काम किया जाएगा।
निजी औद्योगिक पार्कों को बढ़ावा
बैठक में प्रदेश में निजी औद्योगिक पार्कों की स्थापना पर भी चर्चा हुई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएं जहां छोटे और मध्यम उद्योगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।

सरकार का मानना है कि इससे निवेश बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
जिला उद्योग केंद्रों के आधुनिकीकरण की तैयारी
एमएसएमई मंत्री ने सभी जिला उद्योग केंद्रों के आधुनिकीकरण के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि उद्योग केंद्रों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाए ताकि उद्यमियों को:
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ऑनलाइन सेवाएं
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तेज मंजूरी प्रक्रिया
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और योजनाओं की पारदर्शी जानकारी मिल सके।
इस कदम को सरकार Ease of Doing Business को मजबूत करने की दिशा में बड़ा प्रयास मान रही है।
“विकसित उत्तर प्रदेश” की नई आर्थिक रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश सरकार अब MSME सेक्टर को सिर्फ रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि “विकसित उत्तर प्रदेश” की आर्थिक रणनीति का केंद्र बना रही है।
बैठक के दौरान मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में MSME सेक्टर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने, स्थानीय उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में यह सेक्टर निर्णायक साबित होगा।
बैठक में राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, विशेष सचिव शिशिर, आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के. विजेंद्र पांडियन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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