उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने आगरा के थाना जैतपुर में दर्ज हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी रमन को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के मुताबिक रमन को 10 सितंबर 2026 की शाम कमौनी बस स्टॉप से पकड़ा गया। आरोपी पर अवनीश यादव की गोली मारकर हत्या करने के मामले में मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ मध्य प्रदेश में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आगरा में हत्या के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे और 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की फील्ड यूनिट आगरा ने यह कार्रवाई 10 सितंबर 2026 को की। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की तलाश काफी समय से की जा रही थी और उसके सक्रिय होकर दोबारा अपराध में शामिल होने की आशंका को देखते हुए एसटीएफ की टीमें लगातार सूचना जुटा रही थीं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रमन पुत्र हरेन्द्र सिंह, निवासी मेला ग्राउंड के पास टायर दुकान, थाना कोतवाली, भिंड, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। एसटीएफ के अनुसार रमन थाना जैतपुर, पुलिस कमिश्नरेट आगरा में दर्ज हत्या के मुकदमे में वांछित था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
कमौनी बस स्टॉप पर गिरफ्तारी
एसटीएफ के अनुसार रमन को 10 सितंबर 2026 को शाम 5 बजकर 32 मिनट पर थाना जैतपुर क्षेत्र के कमौनी बस स्टॉप से गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ को फरार और पुरस्कार घोषित अपराधियों के सक्रिय होकर अपराध करने तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इसी को देखते हुए एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों और टीमों को अभिसूचना संकलन और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक राकेश, एसटीएफ फील्ड यूनिट आगरा के पर्यवेक्षण में टीम सूचना जुटा रही थी।
अभिसूचना संकलन के दौरान उपनिरीक्षक रजनीश चौधरी, मुख्य आरक्षी अंकित गुप्ता, मुख्य आरक्षी प्रदीप यादव, आरक्षी प्रदीप चौधरी, आरक्षी मानवेन्द्र उपाध्याय और चालक आरक्षी महेश रावत आगरा जनपद में भ्रमणशील थे।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि थाना जैतपुर से वांछित और 50 हजार रुपये का इनामी आरोपी रमन कमौनी बस स्टॉप पर कहीं जाने की फिराक में खड़ा है।
सूचना मिलने के बाद एसटीएफ ने थाना जैतपुर पुलिस और संबंधित मुकदमे के विवेचक थानाध्यक्ष बमरौली कटारा को जानकारी दी और उन्हें मौके पर बुलाया। इसके बाद टीम ने मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर पहुंचकर रमन को गिरफ्तार कर लिया।
1 जून की वारदात में हत्या का आरोप
पुलिस पूछताछ में रमन ने कथित तौर पर 1 जून 2026 की घटना के संबंध में जानकारी दी।
एसटीएफ के मुताबिक आरोपी ने बताया कि उसके दोस्त गोलू निवासी भिंड-मुरैना की अवनीश यादव से रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते रमन, गोलू, नानू गुर्जर और अन्य लोगों ने कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी के कथित बयान के अनुसार 1 जून 2026 को अवनीश यादव और उपेन्द्र यादव की कार के ऊपर फायरिंग कर उन्हें रोका गया, जिसके बाद अवनीश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इस घटना के संबंध में थाना जैतपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद रमन फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।
हालांकि, आरोपी द्वारा पूछताछ में बताए गए घटनाक्रम की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के आधार पर होगी।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज है मुकदमा
रमन के खिलाफ थाना जैतपुर में मु0अ0सं0 42/2026 दर्ज है। मामले में धारा 103(1), 109(1), 126(2), 190, 191(2), 191(3), 351(3), 352, 61(2), 3(5) बीएनएस तथा 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाना जैतपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
मध्य प्रदेश में भी दर्ज हैं कई मुकदमे
एसटीएफ के अनुसार रमन का आपराधिक रिकॉर्ड केवल आगरा के मामले तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश के भिंड और आसपास के थानों में भी उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं।
उसके आपराधिक इतिहास में मु0अ0सं0 95/2024, थाना कोतवाली भिंड देहात, भिंड में धारा 294/307/323/336/34 भादंवि तथा 25/27 आर्म्स एक्ट का मामला शामिल है।
इसके अलावा थाना कोतवाली नगर भिंड में मु0अ0सं0 579/2025, धारा 110/296(2)/3(5) बीएनएस तथा 25/27 आर्म्स एक्ट दर्ज है।
वर्ष 2026 में भी उसके खिलाफ थाना कोतवाली नगर भिंड में मु0अ0सं0 55/2026, धारा 115(2)/296(2)/3(5)/351(3) बीएनएस का मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
इसी थाना क्षेत्र में मु0अ0सं0 185/2026, धारा 115(2)/296(2)/351(3)/3(5) बीएनएस के तहत भी मुकदमा दर्ज है।
अब आगे की जांच पर नजर
50 हजार रुपये के इनामी आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का अगला चरण महत्वपूर्ण होगा। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि 1 जून की हत्या की वारदात में रमन के अलावा कौन-कौन लोग शामिल थे और घटना की पूरी योजना किस स्तर पर तैयार की गई थी।
इसके साथ ही आरोपी के पुराने आपराधिक मामलों और आगरा के हत्याकांड के बीच किसी आपराधिक नेटवर्क या संपर्क की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल एसटीएफ ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है। अब थाना जैतपुर पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। 50 हजार के इनामी आरोपी की गिरफ्तारी से 1 जून की हत्या के मामले की जांच को एक अहम कड़ी जरूर मिली है, लेकिन इस पूरे मामले की तस्वीर न्यायिक जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।
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