पराक्रम दिवस पर आयोजित मॉक ड्रिल के जरिए सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि आपदा, युद्ध और दुर्घटनाओं में स्वयंसेवकों की भागीदारी ही मजबूत समाज की पहचान है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई जा रही है। इसी अवसर पर उत्तर प्रदेश नागरिक सुरक्षा संगठन द्वारा पुलिस लाइन में आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव, जागरूकता और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखना था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह मॉक ड्रिल प्रदेश को युद्ध, आपदा, दुर्घटना और बड़े आयोजनों जैसी हर परिस्थिति के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ का भाव नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश को दिया और उसी भावना के साथ आज नागरिक सुरक्षा संगठन समाज की रक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है। युद्धकाल हो या शांति काल, हर स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका को समाज ने स्वीकार किया है। इसी कारण प्रदेश के सभी 75 जनपदों में इसका गठन किया गया है।

सीएम योगी ने कहा कि हर कार्य के लिए केवल सरकार पर निर्भर रहना स्वावलंबी समाज की पहचान नहीं हो सकता। स्वयंसेवकों की भागीदारी से कार्यक्षमता कई गुना बढ़ती है। पर्व-त्योहारों, बाढ़, अग्निकांड, दुर्घटनाओं और युद्ध जैसी स्थितियों में नागरिक सुरक्षा संगठन और होमगार्ड की भूमिका निर्णायक होती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। एसडीआरएफ के माध्यम से आपदा मित्रों की भर्ती भी की जा रही है, जिन्हें भविष्य में होमगार्ड भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘गोल्डन आवर’ में पीड़ित को सहायता पहुंचाने के लिए नियमित मॉक ड्रिल अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री धर्मवीर प्रजापति, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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