गौतमबुद्धनगर में आयोजित मेरठ प्रभार की विभागीय समीक्षा बैठक में आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने राजस्व वृद्धि, पारदर्शी शराब बिक्री, पीओएस आधारित निगरानी और नियमों के कड़ाई से अनुपालन के लिए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में नोएडा और गाजियाबाद में प्रीमियम रिटेल वेंड्स बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
उत्तर प्रदेश में शराब बिक्री व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित तथा राजस्व केंद्रित बनाने की दिशा में आबकारी विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह की अध्यक्षता में गौतमबुद्धनगर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में मेरठ प्रभार के अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व वृद्धि, शराब बिक्री की निगरानी, पीओएस प्रणाली के प्रभावी उपयोग, प्रीमियम रिटेल वेंड्स के विस्तार तथा अन्य राज्यों से आने वाली शराब पर नियंत्रण को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए गए।
बैठक में मेरठ प्रभार के अंतर्गत आने वाले सभी जनपदों के आबकारी अधिकारियों, सहायक आबकारी आयुक्तों और आबकारी निरीक्षकों ने भाग लिया। विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता शराब बिक्री व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता और नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना है।
पीओएस मशीन से ही होगी हर बिक्री
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु शराब बिक्री को पूरी तरह डिजिटल और ट्रैकिंग आधारित बनाने का रहा। आबकारी आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी जनपदों के फुटकर अनुज्ञापनों पर पीओएस (Point of Sale) मशीन के माध्यम से शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि केवल फुटकर दुकानों ही नहीं, बल्कि सभी थोक अनुज्ञापन, बीआईओ, बॉन्ड, बार अनुज्ञापन तथा प्रीमियम वेंड्स पर प्राप्त होने वाली प्रत्येक मदिरा को पहले स्टॉक-इन किया जाए और उसके बाद पीओएस प्रणाली के माध्यम से ही बिक्री की जाए।

डॉ. आदर्श सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर पीओएस प्रणाली का पालन नहीं पाया गया, तो संबंधित आबकारी निरीक्षक और अनुज्ञापन धारक दोनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अन्य राज्यों से आने वाली शराब पर विशेष निगरानी
बैठक में आबकारी आयुक्त ने अन्य राज्यों से आने वाली शराब की निगरानी को लेकर भी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बीआईओ तथा बीडब्ल्यूएफएल-2ए, 2बी और 2सी इकाइयों में आने वाले स्टॉक का नियमित निरीक्षण किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित कस्टम बॉन्ड से शराब की निकासी निर्धारित नियमों और प्रावधानों के अनुसार ही सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या राजस्व हानि की संभावना समाप्त हो सके।
मॉडल शॉप और कंपोजिट दुकानों पर फोकस
मेरठ प्रभार के अंतर्गत जिन कंपोजिट दुकानों को मॉडल शॉप में परिवर्तित किया गया है, उनके संचालन की भी समीक्षा की गई। आबकारी आयुक्त ने निर्देश दिया कि इन सभी दुकानों का संचालन निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि फुटकर मदिरा दुकानों की निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा (एमजीक्यू), कंपोजिट दुकानों में अंग्रेजी शराब के एमजीआर तथा बीयर के त्रैमासिक एमजीआर की समयबद्ध निकासी सुनिश्चित हो।

देशी शराब की दुकानों पर सख्ती
बैठक में देशी मदिरा दुकानों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। आबकारी आयुक्त ने कहा कि यदि किसी देशी शराब की दुकान पर देशी मदिरा के अलावा किसी अन्य प्रकार की शराब परोसी या पिलाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि नियमों का उल्लंघन न हो।
नोएडा और गाजियाबाद में बढ़ेंगे प्रीमियम रिटेल वेंड्स
बैठक में तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों नोएडा और गाजियाबाद को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। आबकारी आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दोनों जनपदों के सभी प्रमुख मॉल्स में प्रीमियम रिटेल वेंड अनुज्ञापन स्थापित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं।
इसके अलावा लो-अल्कोहलिक बार्स और लो-अल्कोहलिक प्रीमियम रिटेल वेंड्स के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि ऐसे प्रतिष्ठानों में किसी भी परिस्थिति में अन्य राज्यों की शराब का उपभोग न हो।

प्रीमियम ब्रांड की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश
बैठक में उपभोक्ताओं की मांग और बाजार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मॉडल शॉप और कंपोजिट दुकानों पर प्रीमियम ब्रांड की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
आबकारी आयुक्त ने कहा कि बीआईओ ब्रांड के अतिरिक्त इंडियन मेड प्रीमियम ब्रांड्स की अधिकतम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि ग्राहकों को अधिक विकल्प मिल सकें और राजस्व में भी वृद्धि हो।
बड़े रिटेल नेटवर्क पर विभाग की नजर
राजस्व बढ़ाने की रणनीति के तहत बिग बाजार, स्पेंसर और अन्य हाइपर मार्केट्स जैसे बड़े रिटेल नेटवर्क में नई प्रीमियम रिटेल वेंड्स स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक कार्यवाही और समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मेरठ प्रभार के सभी अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में संयुक्त आबकारी आयुक्त मेरठ जोन, उप आबकारी आयुक्त मेरठ प्रभार, जिला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर सहित मेरठ प्रभार के अंतर्गत संचालित डिस्टिलरियों में तैनात सहायक आबकारी आयुक्त और प्रवर्तन शाखा के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि विभाग का लक्ष्य केवल राजस्व वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि शराब बिक्री व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक आधारित और जवाबदेह बनाना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विभागीय कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी बन सके।
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