Thursday, January 08, 2026

एक तरफ फर्जी डिग्री पर सख्त वार, दूसरी तरफ नए कैंपस की सौगात… योगी कैबिनेट के दो बड़े फैसले

जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद का परिसमापन, ग्रेटर नोएडा में आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ऑफ-कैंपस को मंजूरी

Noida , Latest Updated On - Jan 06 2026 | 05:30:00 AM
विज्ञापन

योगी सरकार ने उच्च शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए फर्जी डिग्री प्रकरण में जेएस विश्वविद्यालय का परिसमापन किया, वहीं पश्चिमी यूपी-एनसीआर को नया शैक्षणिक केंद्र देने के लिए आईआईएमटी ऑफ-कैंपस को हरी झंडी दी।

विज्ञापन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े दो अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। योगी कैबिनेट ने एक ओर जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (जनपद फिरोजाबाद) के परिसमापन को मंजूरी दी, तो दूसरी ओर आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा स्थित ऑफ-कैंपस को संचालन प्राधिकार पत्र (एलओपी) जारी करने का निर्णय लिया।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि जेएस विश्वविद्यालय के खिलाफ जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। विश्वविद्यालय द्वारा बीपीएड पाठ्यक्रम में फर्जी एवं बैक डेट में मार्कशीट व डिग्रियां जारी की गईं, जिनका उपयोग राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा–2022 में चयन के लिए किया गया। राजस्थान पुलिस की जांच, कुलाधिपति और कुलसचिव की गिरफ्तारी तथा शासन स्तर की जांच समितियों की रिपोर्ट में यह घोटाला प्रमाणित हुआ।


जांच में यह भी सामने आया कि विश्वविद्यालय ने उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की कई धाराओं का उल्लंघन किया, जिसमें डिग्री जारी करने की शक्ति का दुरुपयोग, संगठित रूप से फर्जी दस्तावेजों का वितरण, भूमि मानकों की अनदेखी और राज्य उच्च शिक्षा परिषद को अनिवार्य सूचनाएं न देना शामिल है। इन तथ्यों के आधार पर विश्वविद्यालय के परिसमापन का निर्णय लिया गया। परिसमापन के बाद विश्वविद्यालय के सभी अभिलेख डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के संरक्षण में रखे जाएंगे और वहीं से पूर्व में जारी डिग्रियों का प्रमाणीकरण होगा। इस दौरान संचालन हेतु त्रि-सदस्यीय अंतरिम समिति भी गठित की जाएगी।

वहीं, कैबिनेट ने आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा स्थित ऑफ-कैंपस के संचालन को मंजूरी देकर पश्चिमी यूपी और एनसीआर को बड़ी शैक्षणिक सौगात दी है। 4.796 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित यह ऑफ-कैंपस क्षेत्रीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि योगी सरकार शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

विज्ञापन

योगी कैबिनेट, उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश, जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद, आईआईएमटी विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा ऑफ कैंपस, शिक्षा सुधार, पश्चिमी यूपी

Related News

विज्ञापन

Newsletter

For newsletter subscribe us

विज्ञापन
आपकी राय
भारत क्रिकेट टीम के सर्वश्रेष्ठ कप्तान का नाम कौन है?




COMMENTS
All Comments (11)
  • V
    vijaykumar
    vijaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    arif
    arif@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    ajaykumar
    ajaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    very intresting news
    A
    ankitankit
    ankitankit@pearlorganisation.com
    27/12/2023
    Good
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    29/12/2023
    good news
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Nice
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Bisarkh police station, during checking at Char Murti intersection, spotted an FZ MOSA carrying two persons towards Surajpur.
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    test
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    अच्छा
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    08/02/2024
    अच्छा