उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 जनवरी 2026 को लोकभवन, लखनऊ में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें प्रशासनिक, विकासात्मक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में मंगलवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिनांक 06 जनवरी 2026 को लोकभवन, लखनऊ में मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक को प्रदेश के शासन और विकास की दिशा तय करने वाला अहम सत्र माना जा रहा है।
लोकभवन में आयोजित इस कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में राज्य के प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और आगामी नीतिगत फैसलों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
सूत्रों के अनुसार, बैठक का उद्देश्य नए वर्ष 2026 में प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करना और लंबित प्रस्तावों पर मंथन करना रहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और मंत्रियों को जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी चर्चा हुई।
कैबिनेट बैठक ऐसे समय पर हुई है, जब राज्य सरकार बुनियादी ढांचे, निवेश, रोजगार सृजन, सामाजिक कल्याण और कानून-व्यवस्था को लेकर सक्रिय कदम उठा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में लिए गए निर्णयों का असर आने वाले दिनों में शासन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर साफ तौर पर दिखाई देगा।
हालांकि बैठक के बाद आधिकारिक रूप से प्रस्तावों या निर्णयों की विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है, लेकिन लोकभवन में हुई इस कैबिनेट बैठक को प्रदेश के भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
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