उत्तर प्रदेश सरकार ने बटेश्वर में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने के लिए नाविकों को स्टोरी टेलिंग, आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और डिजिटल भुगतान का विशेष प्रशिक्षण दिया है।
यमुना तट पर बसे ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन ग्राम बटेश्वर में ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक महत्वाकांक्षी पहल की गई है। इस पहल के तहत स्थानीय नाविकों को केवल नाव संचालन तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्टोरी टेलिंग जैसी रचनात्मक और सांस्कृतिक कला से जोड़ा गया है, ताकि वे पर्यटकों को बाह-बटेश्वर की संस्कृति, इतिहास और आस्था से प्रभावी ढंग से परिचित करा सकें।
मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान (एमकेआईटीएम), लखनऊ के सहयोग से एसडीआरएफ टीम द्वारा 5 से 7 जनवरी तक तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में नाविकों को आपदा प्रबंधन, आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार, सीपीआर तथा ऑनलाइन पेमेंट जैसी आधुनिक सुविधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बटेश्वर में ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। नाविकों को स्टोरी टेलिंग, आपदा प्रबंधन और डिजिटल सुविधाओं से जोड़कर उन्हें केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि बटेश्वर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का संवाहक बनाया जा रहा है।
इससे पर्यटकों का अनुभव समृद्ध होगा और स्थानीय समुदाय के लिए आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मान्यवर काशीराम इंस्टीट्यूट, लखनऊ के स्टोरी टेलर गौरव श्रीवास्तव ने नाविकों को बाह-बटेश्वर की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन विरासत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार स्थानीय कहानियां पर्यटकों की यात्रा को यादगार बना सकती हैं। गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक उत्तर प्रदेश पर्यटन के माध्यम से 2500 से अधिक नाविकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
एसडीआरएफ टीम ने आपात परिस्थितियों से निपटने के उपाय सिखाए, जबकि चिकित्सकों ने त्वरित प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के समापन पर नाविकों को पहचान और एकरूपता के लिए टी-शर्ट और सदरी वितरित की गई। अटल संकुल केंद्र, बटेश्वर में आयोजित इस प्रशिक्षण में कुल 32 नाविकों ने भाग लिया।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन को जनसहभागिता और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से विकसित किया जा रहा है, ताकि पर्यटन का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
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