उत्तर प्रदेश में हाईवे और प्रमुख सड़कों पर निराश्रित गोवंश मिलने पर संबंधित CVO के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। मंत्री धर्मपाल सिंह ने 10 नवंबर को सभी गौशालाओं में गोवर्धन पूजा के भव्य आयोजन, दुग्ध समितियों के गठन और दीपावली पर पराग के गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश में सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर घूमते निराश्रित गोवंश का मुद्दा एक बार फिर सरकार की प्राथमिकता में आ गया है। हाईवे पर आवारा गोवंश के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं
। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश के किसी भी जनपद में राष्ट्रीय राजमार्ग या प्रमुख मार्ग पर निराश्रित गोवंश विचरण करते हुए पाया गया तो संबंधित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) की जवाबदेही तय होगी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री के इस निर्देश के बाद अब सवाल यह है कि क्या प्रदेश के हाईवे और प्रमुख सड़कों को निराश्रित गोवंश से मुक्त कराने के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी और व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी हो पाएगी? सरकार ने अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
हाईवे पर गोवंश मिलने पर तय होगी अधिकारियों की जिम्मेदारी
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने शुक्रवार, 6 नवंबर को लखनऊ स्थित विधान भवन में अपने कार्यालय कक्ष में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के किसी भी जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख मार्गों पर निराश्रित गोवंश घूमते हुए नहीं मिलने चाहिए।

उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश का संरक्षण केवल पशुओं की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। इसलिए सभी अधिकारी गोवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के साथ नियमित निगरानी की व्यवस्था करें।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी जिले के हाईवे या प्रमुख मार्ग पर निराश्रित गोवंश पाया जाता है तो संबंधित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों को इस कार्य में पूरी गंभीरता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
10 नवंबर को सभी गौशालाओं में मनेगी गोवर्धन पूजा
समीक्षा बैठक में मंत्री धर्मपाल सिंह ने आगामी 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा के अवसर पर प्रदेश की सभी गौशालाओं में भव्य आयोजन कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाए, ताकि वे भी गौशालाओं की व्यवस्थाओं और गोवंश संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सहभागिता कर सकें।
मंत्री ने गौशालाओं में गोवर्धन पूजा के अवसर पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने पर जोर दिया। इसके साथ ही गोवंश की समुचित देखभाल, सेवा और उनके लिए गुड़ तथा हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिया कि आयोजन केवल औपचारिकता बनकर न रह जाएं, बल्कि गौशालाओं में साफ-सफाई, पशुओं की देखभाल और सेवा की व्यवस्थाएं भी बेहतर तरीके से दिखाई दें।
इन आयोजनों की निगरानी संबंधित मंडलीय अपर निदेशक और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी करेंगे। इस तरह विभागीय अधिकारियों को आयोजन की तैयारियों से लेकर व्यवस्थाओं के संचालन तक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दूध उत्पादकों को संगठित बाजार देने पर जोर
बैठक में पशुधन संरक्षण के साथ-साथ दुग्ध विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में दुग्ध समितियों के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दुग्ध समितियों के गठन से दूध उत्पादकों को एक संगठित बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे किसानों और दुग्ध उत्पादकों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था मिल सकेगी और उनकी आय बढ़ाने का रास्ता भी मजबूत होगा।

मंत्री ने अधिकारियों से इस दिशा में तेजी से काम करने को कहा, ताकि प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को योजनाओं का लाभ मिल सके और दुग्ध क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
दीपावली पर बाजार में पर्याप्त मात्रा में मिलेंगे पराग के उत्पाद
दीपावली के अवसर पर पराग ब्रांड के उत्पादों की उपलब्धता और गुणवत्ता को लेकर भी मंत्री ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान आमजन को पराग के शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जाएं।
इसके लिए पराग उत्पादों की प्रभावी मार्केटिंग के साथ-साथ विपणन और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहार के समय उत्पादों की मांग को देखते हुए पहले से पर्याप्त व्यवस्था की जाए, जिससे उपभोक्ताओं को उत्पादों की कमी का सामना न करना पड़े।
अपर मुख्य सचिव ने समयबद्ध अनुपालन के दिए निर्देश
बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को मंत्री द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने गोवंश संरक्षण, गौशालाओं में स्वच्छता, गोवर्धन पूजा के आयोजनों, दुग्ध समितियों के गठन और पराग उत्पादों की उपलब्धता से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी एवं समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में पशुधन विभाग के विशेष सचिव विवेक श्रीवास्तव, दुग्ध विकास विभाग के विशेष सचिव राम सहाय यादव, पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक योगेश, दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के., पशुपालन निदेशालय की निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. संगीता तिवारी और निदेशक प्रशासन एवं विकास डॉ. राजेंद्र प्रसाद सहित पीसीडीएफ और शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अब निगाहें 10 नवंबर पर: सरकार ने एक ओर हाईवे पर निराश्रित गोवंश मिलने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी है, तो दूसरी ओर गोवर्धन पूजा पर प्रदेशभर की गौशालाओं में विशेष आयोजन और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि इन निर्देशों का असर जिलों में कितना दिखाई देता है और सड़क सुरक्षा से लेकर गोवंश संरक्षण तक व्यवस्था में कितना बदलाव आता है।
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