प्राथमिक विद्यालय नेकपुर में आयोजित नामांकन उत्सव एवं विशाल भंडारे ने सरकारी विद्यालयों की बदलती तस्वीर को सामने रखा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ.पी. यादव ने बच्चों के बीच बैठकर भोजन किया, 10 नए विद्यार्थियों का नामांकन कराया और विद्यालय में हो रहे नवाचारों की सराहना करते हुए इसे अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
सरकारी विद्यालयों की बदलती तस्वीर और शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास की एक प्रेरणादायक झलक उस समय देखने को मिली, जब प्राथमिक विद्यालय नेकपुर में नामांकन उत्सव एवं विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। बच्चों की मुस्कान, अभिभावकों की उत्सुकता और शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) श्री ओ.पी. यादव रहे। उन्होंने विद्यालय पहुंचकर न केवल बच्चों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि अपने व्यवहार से यह संदेश भी दिया कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे किसी भी दृष्टि से कम नहीं हैं। कार्यक्रम का सबसे भावुक और आकर्षक क्षण वह रहा, जब बीएसए स्वयं बच्चों के बीच पहुंचे, उन्हें अपने हाथों से भंडारा परोसा और फिर उनके साथ बैठकर मिड-डे मील ग्रहण किया। इस दृश्य ने उपस्थित अभिभावकों और स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया।
अपने हाथों से किया 10 बच्चों का नामांकन
कार्यक्रम के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री ओ.पी. यादव ने विद्यालय में उपस्थित 10 नए बच्चों का अपने हाथों से नामांकन किया। उन्होंने प्रत्येक बच्चे का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और अभिभावकों से संवाद करते हुए कहा कि आज के सरकारी विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे सरकारी विद्यालयों पर विश्वास करें और अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, ताकि वे बेहतर शिक्षा के साथ-साथ सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ उठा सकें।
सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता पर दिया विशेष संदेश
अपने संबोधन में बीएसए ओ.पी. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विद्यालयों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं, प्रशिक्षित शिक्षक, स्मार्ट शिक्षण पद्धति, मिड-डे मील, निशुल्क पुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, संस्कार और आत्मविश्वास का निर्माण भी विद्यालय की जिम्मेदारी है।
प्रधानाचार्य ने बताए विद्यालय के नवाचार
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रदीप यादव ने विद्यालय में संचालित विभिन्न नवाचारों (Innovations) और श्रेष्ठ शैक्षिक गतिविधियों (Best Practices) की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने, रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, खेल-आधारित शिक्षण, तकनीक आधारित अध्ययन और नियमित मूल्यांकन जैसी अनेक पहलें की जा रही हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव बच्चों की उपस्थिति, सीखने की गुणवत्ता और अभिभावकों के विश्वास में भी दिखाई दे रहा है।\

विद्यालय की व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय का निरीक्षण करते हुए यहां की साफ-सफाई, अनुशासन, शिक्षण व्यवस्था और बच्चों की सक्रिय सहभागिता की खुलकर प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालय नेकपुर ने जिस प्रकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर व्यवस्थाओं और नवाचारों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई है, वह अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणादायक है।
उन्होंने विद्यालय में बेहतर छात्र संख्या और शिक्षा के प्रति पूरे विद्यालय परिवार की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए प्रधानाचार्य श्री प्रदीप यादव एवं समस्त शिक्षकों और कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष, क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, अभिभावक और जनप्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने विद्यालय की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को सकारात्मक पहल बताया।

अभिभावकों ने भी विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों में लगातार बेहतर माहौल बन रहा है, जिससे बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिल रही है।
भंडारे में दिखा अपनापन और सामाजिक समरसता
कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों, अभिभावकों, अतिथियों और स्थानीय नागरिकों ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया। बीएसए द्वारा बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने का दृश्य पूरे कार्यक्रम का सबसे यादगार क्षण बन गया।
इस आयोजन ने केवल नामांकन अभियान को गति देने का कार्य नहीं किया, बल्कि समाज में सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास और सकारात्मक सोच को भी मजबूत किया। शिक्षा, सामाजिक समरसता और जनसहभागिता का यह संगम कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि माना गया।
विद्यालय परिवार का मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल बच्चों को विद्यालय से जोड़ते हैं, बल्कि अभिभावकों और समाज के बीच शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश भी पहुंचाते हैं। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण, उत्साह और शिक्षा के प्रति नई उम्मीदों के साथ संपन्न हुआ।
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