बुलंदशहर के रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को आत्म अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्र प्रथम का संदेश दिया। उन्होंने जापान की प्रगति का उदाहरण देते हुए अनुशासन को विकास की सबसे बड़ी कुंजी बताया। इस दौरान उन्होंने सैनिक विद्यालय में बेटियों के प्रवेश, छात्रावास निर्माण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान भी किए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर स्थित रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए आत्म अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, परिश्रम और नागरिक कर्तव्यों का विस्तृत संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और इतिहास उन्हीं लोगों ने बनाया है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अनुशासित रहकर लगातार प्रयास किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसकी तकनीक से पहले उसका आत्म अनुशासन होता है।
जापान का उदाहरण देकर समझाया सफलता का सूत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने जापान दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1945 में परमाणु बम हमले के बाद जापान पूरी तरह तबाह हो गया था। लाखों लोगों की जान गई, अर्थव्यवस्था बिखर गई और पूरा देश मानसिक रूप से भी टूट गया था।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद जापान ने आत्म अनुशासन, तकनीक और मेहनत के बल पर स्वयं को दोबारा खड़ा किया और आज विकसित देशों की श्रेणी में शामिल है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि भारत भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और यदि युवा अनुशासन एवं परिश्रम को अपनाएं तो विकसित भारत का सपना निश्चित रूप से पूरा होगा।
'राष्ट्र प्रथम' का भाव होना चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के मन में 'राष्ट्र प्रथम' की भावना होनी चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने राष्ट्र सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया है और विद्यार्थियों को उससे प्रेरणा लेकर अपने जीवन को राष्ट्रहित में समर्पित करना चाहिए।

बुलंदशहर की सैनिक परंपरा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुलंदशहर देश को सर्वाधिक सैनिक और सैन्य अधिकारी देने वाले प्रमुख जनपदों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि ऐसे जिले में सैनिक विद्यालय की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले वर्षों में देश को और अधिक सैन्य अधिकारी उपलब्ध कराएगा।
32 बीघा जमीन दान करने वाले बाबा राजपाल सिंह का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सैनिक विद्यालय के लिए 32 बीघा भूमि दान करने वाले बाबा राजपाल सिंह का विशेष अभिनंदन किया।
उन्होंने कहा कि यह केवल भूमि दान नहीं बल्कि राष्ट्र सेवा का श्रेष्ठ उदाहरण है। बाबा राजपाल सिंह ने रज्जू भैया की स्मृति को जीवंत बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का कार्य किया है।
हर नागरिक के लिए बताए प्रधानमंत्री मोदी के 'पंच प्रण'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए पंच प्रण को विस्तार से समझाया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक को इन पांच संकल्पों का पालन करना चाहिए।
पहला प्रण
गुलामी की मानसिकता का त्याग
दूसरा प्रण
भारत की विरासत पर गर्व
उन्होंने कहा कि राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और देश की सांस्कृतिक धरोहर हमारी पहचान हैं।
तीसरा प्रण
सामाजिक समरसता
उन्होंने जातिवाद, छुआछूत और क्षेत्रवाद से ऊपर उठने का आह्वान किया।
चौथा प्रण
सैनिकों, पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा करते हैं, तभी नागरिक सुरक्षित जीवन जी पाते हैं।
पांचवां प्रण
नागरिक कर्तव्यों का पालन
उन्होंने कहा कि अधिकारों की चर्चा सभी करते हैं, लेकिन कर्तव्य निभाने वाले ही राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं।

सैनिक के लिए सबसे पहले देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक अपने व्यक्तिगत हितों से पहले देश को प्राथमिकता देता है।
उन्होंने कारगिल की बर्फीली चोटियों से लेकर राजस्थान की भीषण गर्मी तक सैनिकों के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए सैनिक अपना सर्वस्व न्योछावर कर देता है।
रज्जू भैया को बताया प्रेरणा स्रोत
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक रज्जू भैया के व्यक्तित्व को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन भारत, भारतीयता और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने बताया कि रज्जू भैया इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भौतिकी के प्रोफेसर थे तथा संघ के चौथे सरसंघचालक के रूप में उन्होंने लाखों स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया।
बेटियों के लिए भी खुलेगा सैनिक विद्यालय
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले समय में रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में बेटियों का भी प्रवेश शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यालय परिसर में रज्जू भैया की माता के नाम पर छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास का निर्माण भी कराएगी।
उन्होंने याद दिलाया कि प्रदेश सरकार पहले ही लखनऊ स्थित सैनिक स्कूल में बालिकाओं का प्रवेश प्रारंभ करा चुकी है और अब यह व्यवस्था अन्य सैनिक विद्यालयों में भी लागू की जा रही है।
भारत बना चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना अनुशासन, परिश्रम और नागरिक कर्तव्यों के पालन से ही साकार होगा।
कार्यक्रम में रहे कई प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित
कार्यक्रम की अध्यक्षता मंजू त्यागी ने की।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष सी.एल. बरेजा, विद्या भारती पश्चिमी क्षेत्र के अध्यक्ष मनवीर, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, संरक्षक सदस्य एम.एल. शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और उत्कृष्ट शिक्षा के माध्यम से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
COMMENTS