विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 के विभाजन को मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक बताया। सीएम ने विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, हिंसा और पीड़ा को याद करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को उस दौर की सच्चाई बताना जरूरी है। कार्यक्रम में उन्होंने कांग्रेस और सपा पर भी राजनीतिक निशाना साधा और नागरिकता कानून से लेकर विस्थापित परिवारों के पुनर्वास तक कई मुद्दे उठाए।
1947 में देश आजाद हुआ, लेकिन आजादी की सुबह के साथ विभाजन की ऐसी त्रासदी भी आई, जिसकी पीड़ा करोड़ों परिवारों ने झेली। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी दर्द को याद करते हुए कहा कि विभाजन मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन सिर्फ जमीन का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह लाखों परिवारों के घर, रिश्ते, संपत्ति और जीवन के उजड़ने का इतिहास है। करोड़ों हिंदुओं को अपनी मातृभूमि और जन्मभूमि से विस्थापित होना पड़ा, जबकि बड़ी संख्या में हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समाज के लोगों को हिंसा और कत्लेआम का सामना करना पड़ा।
सीएम योगी ने कहा कि उस समय पीड़ितों की पीड़ा सुनने और उनके प्रति संवेदना व्यक्त करने वाला कोई नहीं था। उनके मुताबिक सत्ता प्राप्ति की लिप्सा में एक सनातन राष्ट्र को विभाजन की ओर धकेला गया और उसके टुकड़े कर दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभाजन से जुड़ी पेंटिंग, तस्वीरों और वीडियो का भी अवलोकन किया।
“इतिहास के पन्ने पलटने नहीं, गलतियों से सीखने की जरूरत”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं है। इतिहास को केवल किताबों या परीक्षा के पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि इतिहास हमें अपने गौरवशाली अतीत पर गर्व करना सिखाता है, लेकिन साथ ही पिछली गलतियों से सीख लेकर उन्हें दोबारा नहीं दोहराने की प्रेरणा भी देता है।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि विभाजन की परिस्थितियां क्यों पैदा हुईं, इसके लिए कौन जिम्मेदार था, दोषियों को कितनी सजा मिली और आखिर कब तक देश उस त्रासदी की कीमत चुकाता रहेगा?
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने के पीछे भी यही उद्देश्य है कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ी को उस दौर की वास्तविकता से परिचित कराया जाए।

योगी ने कहा कि पंजाब और बंगाल के उन हिस्सों को भी पाकिस्तान को सौंप दिया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग रहते थे। विभाजन के बाद लाखों लोग अपने घर छोड़कर शरणार्थी बनने को मजबूर हुए।
उन्होंने विभाजन के दौरान हुई हिंसा और ट्रेनों में हुए नरसंहार का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं आज भी उस समय की भयावहता को सामने लाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह इतिहास मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ी को चेतावनी देने के लिए है।
उन्होंने कहा कि भारत के पास कभी शक्ति, बुद्धि और वैभव की कमी नहीं रही। 16वीं-17वीं शताब्दी के दौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी करीब 24 से 25 प्रतिशत तक बताई जाती है। ऐसे में सवाल यह है कि जब देश इतना समृद्ध था तो वह गुलाम क्यों हुआ?
योगी ने इसका एक बड़ा कारण आंतरिक विभाजन और आपसी अंतर्विरोधों को बताया।
जाति, भाषा और क्षेत्र से ऊपर हो भारतीय पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र, भाषा और अन्य पहचानों के आधार पर पैदा होने वाले विभाजन ने षड्यंत्रकारी ताकतों को अवसर दिया। उन्होंने कहा कि किसी समाज की सबसे बड़ी पहचान भारतीय होना चाहिए।
पंजाबी, बंगाली, मराठी, तमिल, कन्नड़ या मलयाली होना अपनी जगह पहचान है, लेकिन प्रत्येक नागरिक को सबसे पहले भारतीय होने पर गर्व होना चाहिए।
उन्होंने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, राजगुरु, राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई और वीर सावरकर समेत अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA को लेकर विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून के प्रावधानों को लेकर भ्रम फैलाया गया और उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, मेरठ, संभल, अलीगढ़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर समेत कई स्थानों पर हिंसा और उपद्रव की कोशिशें हुईं।
योगी ने कहा कि CAA में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी की जमीन या संपत्ति छीनने का प्रावधान नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और सपा पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि यदि किसी विस्थापित परिवार को भारत नागरिकता देकर बसाना चाहता है तो किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए?
पीलीभीत और लखीमपुर का भी किया जिक्र
योगी ने कहा कि विभाजन के बाद विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में पीलीभीत में बांग्लादेश से आए हजारों परिवारों के दस्तावेज दुरुस्त कर जमीन से जुड़े कागजात उपलब्ध कराए गए।
लखीमपुर खीरी में भी बांग्लादेश से आए पीड़ित हिंदू परिवारों को नागरिकता उपलब्ध कराने की बात उन्होंने कही। मुख्यमंत्री के अनुसार करीब 16 हजार लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है। रामपुर में पाकिस्तान से आए लोगों के दस्तावेज दुरुस्त करने और नागरिकता की प्रक्रिया चलने की भी जानकारी दी।
शत्रु संपत्ति को लेकर कांग्रेस पर बड़ा हमला
मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाजन के बाद उसका दायित्व था कि विस्थापितों को नागरिकता और जमीन के पट्टे उपलब्ध कराए जाते।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय कांग्रेस शत्रु संपत्ति की रक्षा और उसके कथित बंटवारे में लगी रही। योगी ने कहा कि पाकिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन परिवारों को इस संपत्ति का लाभ मिलना चाहिए था।

उन्होंने महमूदाबाद के नवाब की संपत्ति का भी जिक्र किया और कांग्रेस पर उसे बचाने के लिए प्रयास करने का आरोप लगाया। साथ ही सपा पर ऐसे लोगों की पैरवी करने का आरोप लगाया, जिन पर देश की आजादी और विभाजन में भूमिका होने के आरोप हैं।
“देश नहीं झुकने देंगे, फिर देश नहीं बंटने देंगे”
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर लखनऊ में मौन यात्रा भी निकाली गई। मुख्यमंत्री ने हजरतगंज स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और वहां से लोकभवन तक करीब आधा किलोमीटर की मौन यात्रा की।
इस दौरान मुख्यमंत्री के हाथ में “देश नहीं झुकने देंगे, फिर देश नहीं बंटने देंगे” लिखा पोस्टर नजर आया। यात्रा में “राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता सर्वोपरि” जैसे संदेश वाले पोस्टर भी दिखाई दिए।
2047 का विकसित भारत तभी, जब हर परिवार आत्मनिर्भर हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत भारत तभी बनेगा जब समाज एकता की भावना के साथ आगे बढ़े। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह और संत रामानंद की परंपराओं का उल्लेख करते हुए जाति-पाति और छुआछूत से ऊपर उठने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि किसान, कारीगर, युवा, महिलाएं और गरीब आत्मनिर्भर होंगे तभी देश मजबूत बनेगा। 2047 का विकसित भारत तभी संभव है जब गरीब गरीबी से बाहर आए, मध्यम वर्ग बेहतर जीवन जिए, किसान आत्मनिर्भर बने और कारीगर उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़े।
सीएम योगी ने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सरकार या सेना की जिम्मेदारी नहीं है। हर नागरिक को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा मजबूत करने में अपनी भूमिका निभानी होगी।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, मंत्री डॉ. अरुण कुमार, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, सांसद बृजलाल, पूर्व मंत्री एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक जयदेवी, विधायक डॉ. नीरज बोरा समेत कई जनप्रतिनिधि और विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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