उत्तर प्रदेश सरकार ने IBET Expo 2026 की तैयारियों को तेज कर दिया है। 11 से 13 अगस्त तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में दुनिया भर के नीति-निर्माता, निवेशक, वैज्ञानिक और ऊर्जा विशेषज्ञ शामिल होंगे। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश की बायोएनर्जी राजधानी बनाना, कृषि अपशिष्ट से हरित ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना और बड़े निवेश के साथ रोजगार एवं तकनीकी नवाचार को नई गति देना है।
उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन से आगे बढ़कर हरित ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार ने इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो (IBET Expo 2026) की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बुधवार को लखनऊ स्थित इन्वेस्ट यूपी सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय स्टेकहोल्डर बैठक में आयोजन की रूपरेखा, निवेश संभावनाओं, उद्योग सहभागिता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए. के. शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को देश की बायोएनर्जी राजधानी बनाने की दिशा में यह आयोजन एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि IBET Expo 2026 प्रदेश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ निवेश, रोजगार, तकनीकी नवाचार और सतत विकास का मजबूत आधार बनेगा।
11 से 13 अगस्त तक ग्रेटर नोएडा बनेगा वैश्विक ऊर्जा मंच
बैठक में जानकारी दी गई कि 11 से 13 अगस्त, 2026 तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाला IBET Expo 2026 उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA) तथा इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी (IFGE) के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जाएगा।

यह आयोजन देश और विदेश के नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योगपतियों, निवेशकों और ऊर्जा विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाएगा, जहां हरित ऊर्जा से जुड़े नवीनतम शोध, तकनीक, निवेश अवसर और भविष्य की ऊर्जा रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी।
ए. के. शर्मा बोले— उत्तर प्रदेश बन रहा है ऊर्जा परिवर्तन का सबसे बड़ा केंद्र
ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष प्रयासों और दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और निवेश के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि IBET Expo 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं बल्कि ऐसा वैश्विक मंच होगा, जहां बायोएनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), एथेनॉल, बायोडीजल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF), वेस्ट-टू-एनर्जी और अन्य हरित प्रौद्योगिकियों से जुड़े निवेश, तकनीकी साझेदारी और नीति निर्माण पर व्यापक चर्चा होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य केवल भारत में अग्रणी बनना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बायोएनर्जी क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करना है।
कृषि अपशिष्ट बनेगा हरित ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत
बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत कृषि क्षेत्र को बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर वर्ष लगभग 17 मिलियन टन कृषि अपशिष्ट उपलब्ध होता है, लेकिन वर्तमान में इसका केवल 5 मिलियन टन ही उपयोग हो पा रहा है।

यदि शेष कृषि अवशेष का वैज्ञानिक और तकनीकी उपयोग किया जाए, तो उत्तर प्रदेश हरित ऊर्जा उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बन सकता है। इससे न केवल किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी, बल्कि पराली जलाने जैसी पर्यावरणीय समस्याओं में भी कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी नीतियां तैयार कर रही है जिससे कृषि अपशिष्ट को ऊर्जा उत्पादन का महत्वपूर्ण संसाधन बनाया जा सके।
निवेश, रोजगार और तकनीकी नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि IBET Expo 2026 केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह प्रदेश में बड़े निवेश आकर्षित करने, नए उद्योग स्थापित करने और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का माध्यम बनेगा।
उन्होंने कहा कि बायोएनर्जी आधारित उद्योगों के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी, किसानों की आय में वृद्धि होगी और प्रदेश का औद्योगिक विकास भी तेज होगा।
साथ ही आधुनिक तकनीकों के उपयोग से ऊर्जा उत्पादन अधिक टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और आर्थिक रूप से लाभकारी बनाया जा सकेगा।
सभी विभागों और उद्योग जगत से समन्वित प्रयास की अपील
बैठक में मंत्री ए. के. शर्मा ने सभी विभागों, उद्योग संगठनों, ऊर्जा विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स से अपील की कि वे समन्वित प्रयासों के माध्यम से IBET Expo 2026 को ऐतिहासिक और सफल आयोजन बनाएं।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन की सफलता केवल सरकार की नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की उपलब्धि होगी और इससे प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव आशीष गोयल, UPNEDA के निदेशक रविंद्र सिंह, सचिव पंकज सिंह, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, ऊर्जा विशेषज्ञ और बायोएनर्जी क्षेत्र से जुड़े अनेक स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे।
सभी प्रतिभागियों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक रणनीति, प्रचार-प्रसार, निवेशकों की सहभागिता और तकनीकी सत्रों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।
25 से अधिक सम्मेलन, 150 से ज्यादा प्रदर्शक और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
बैठक में बताया गया कि तीन दिवसीय IBET Expo 2026 के दौरान—
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25 से अधिक सम्मेलन एवं तकनीकी सत्र
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120 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं के संबोधन
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150 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी
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देश-विदेश के हजारों प्रतिनिधि एवं व्यावसायिक आगंतुकों की उपस्थिति
रहेगी।

इस आयोजन में बायोएनर्जी क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, निवेश अवसरों, सरकारी नीतियों और वैश्विक अनुभवों को साझा किया जाएगा।
हरित ऊर्जा के नए युग की ओर उत्तर प्रदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रदेश सरकार की योजनाएं तय समय पर लागू होती हैं और कृषि अपशिष्ट आधारित ऊर्जा परियोजनाओं को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिलता है, तो उत्तर प्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक बायोएनर्जी उद्योग का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
IBET Expo 2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो हरित ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, निवेश और आर्थिक विकास के नए अवसरों का द्वार खोल सकता है।
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