ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रेस वार्ता में कहा कि उत्तर प्रदेश देश में सबसे कम बिजली दरों और सबसे अधिक विद्युत आपूर्ति वाला राज्य बन चुका है। 32,673 मेगावाट बिजली आपूर्ति का नया रिकॉर्ड, सात वर्षों से स्थिर बिजली दरें, सौर ऊर्जा विस्तार और ईवी चार्जिंग पर 20% टैरिफ छूट जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।
उत्तर प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए देशभर में नई मिसाल कायम करने का दावा किया है। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि उत्तर प्रदेश लगातार सातवें वर्ष बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी किए बिना देश में सबसे अधिक और बेहतर विद्युत आपूर्ति देने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने 32,673 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बिजली उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक उपभोक्ता तक सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली पहुंचाना है। यही कारण है कि प्रदेश सरकार ने लगातार सातवें वर्ष भी घरेलू, कृषि, व्यावसायिक और अन्य सभी उपभोक्ता श्रेणियों के लिए बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की है।
सात वर्षों से बिजली दरें स्थिर, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
प्रेस वार्ता में ए.के. शर्मा ने कहा कि बिजली की दरों को यथावत बनाए रखना सरकार की जनकल्याणकारी नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने टैरिफ में कोई बढ़ोतरी नहीं की।
उनके अनुसार, यह निर्णय प्रदेश की आर्थिक प्रगति और बेहतर ऊर्जा प्रबंधन का परिणाम है, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली के साथ विश्वसनीय आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है।
32,673 मेगावाट बिजली आपूर्ति के साथ नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश अब बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में प्रतिदिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने 32,673 मेगावाट की रिकॉर्ड विद्युत मांग को बिना किसी बड़े व्यवधान के पूरा कर देश में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मांग को सफलतापूर्वक पूरा करना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और सक्षम हो चुकी है।
ईवी चार्जिंग और सौर ऊर्जा को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
प्रदेश सरकार ने हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ए.के. शर्मा ने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहित करने के लिए अब सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित 'सोलर आवर्स' में बिजली उपयोग पर 20 प्रतिशत टैरिफ छूट दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य दिन के समय उपलब्ध सस्ती सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। इससे न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग लागत कम होगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
अब सौर ऊर्जा से हो रहा पहले से अधिक उत्पादन
ऊर्जा मंत्री ने प्रदेश में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय तापीय विद्युत उत्पादन लगभग 5,180 मेगावाट तक सीमित था, जबकि आज उत्तर प्रदेश केवल सौर ऊर्जा से ही इससे अधिक बिजली उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 4,000 मेगावाट क्षमता के बड़े सोलर पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत करीब 2,500 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता विकसित करने पर कार्य चल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारंपरिक और अक्षय ऊर्जा के बीच संतुलन बनाते हुए ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
तापीय संयंत्रों की क्षमता में भी हुआ बड़ा सुधार
प्रेस वार्ता में ए.के. शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने केवल नई परियोजनाओं पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि पुराने तापीय बिजलीघरों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया है।
उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के तापीय संयंत्र लगभग 65 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (PLF) पर संचालित होते थे, जबकि अब उनकी कार्य क्षमता बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
इसके साथ ही मिर्जापुर, मेजा और अन्य क्षेत्रों में नई तापीय विद्युत परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में बिजली उत्पादन क्षमता और मजबूत होगी।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की ये उपलब्धियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित योजनाओं एवं नीतियों का परिणाम हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश ऊर्जा उत्पादन, वितरण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में और अधिक प्रगति करेगा तथा देश के लिए ऊर्जा प्रबंधन का आदर्श मॉडल बनेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करना नहीं, बल्कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था विकसित करना भी है।
उत्तर प्रदेश सरकार के दावों के अनुसार राज्य आज ऊर्जा क्षेत्र में कई मोर्चों पर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। लगातार सात वर्षों तक बिजली दरों को स्थिर रखना, रिकॉर्ड स्तर की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना, सौर ऊर्जा उत्पादन का तेजी से विस्तार, इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष टैरिफ छूट और तापीय बिजलीघरों की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार—ये सभी संकेत देते हैं कि प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। यदि ये प्रयास इसी गति से जारी रहे, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश के ऊर्जा मानचित्र पर और भी मजबूत पहचान बना सकता है।
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