उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। प्रयागराज में दर्ज शराब तस्करी और धोखाधड़ी के मामले में ₹50 हजार के इनामी आरोपी मनवीर सिंह उर्फ मन्नू को पंजाब के मोहाली से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ तक फैले अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अंतरराज्यीय अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। लंबे समय से फरार चल रहे और ₹50 हजार के इनामी घोषित आरोपी मनवीर सिंह उर्फ मन्नू को पंजाब के मोहाली से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी प्रयागराज के नवाबगंज थाने में दर्ज चर्चित शराब तस्करी, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में वांछित था।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी कई वर्षों से अपने सहयोगियों के साथ मिलकर विभिन्न राज्यों में अवैध अंग्रेजी शराब की तस्करी का संगठित नेटवर्क चला रहा था। पुलिस से बचने के लिए ट्रकों में शराब को अंडों, मुर्गी के दाने, प्लास्टिक स्क्रैप, पास्ता और आलू जैसी सामान्य वस्तुओं की आड़ में छिपाकर भेजा जाता था।
गुप्त सूचना पर पंजाब में दबिश, मोहाली से हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ उत्तर प्रदेश को काफी समय से फरार एवं इनामी अपराधियों के सक्रिय होने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज को आरोपी मनवीर सिंह उर्फ मन्नू की तलाश की जिम्मेदारी सौंपी गई।
पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में टीम लगातार सूचना जुटा रही थी। इसी दौरान इनपुट मिला कि आरोपी पंजाब के मोहाली क्षेत्र में छिपकर रह रहा है।
सूचना की पुष्टि के बाद उपनिरीक्षक रणेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी संतोष कुमार, रोहित सिंह, किशन चन्द्र तथा आरक्षी चालक अखण्ड प्रताप पाण्डेय की टीम ने मोहाली के जिरकपुर मेट्रो चौक स्थित कल्याण ज्वैलर्स के सामने घेराबंदी कर आरोपी को 22 जुलाई 2026 को शाम 5:10 बजे गिरफ्तार कर लिया।
क्या-क्या हुआ बरामद?
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से—
बरामद किए गए। प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी को स्थानीय पुलिस के समक्ष पेश किया गया और बाद में विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए प्रयागराज लाया गया।
पूछताछ में हुआ बड़े नेटवर्क का खुलासा
एसटीएफ की पूछताछ में मनवीर सिंह उर्फ मन्नू ने कई अहम खुलासे किए। आरोपी ने बताया कि वह अपने सहयोगी नवदीप सिंह उर्फ नवी ग्रेवाल उर्फ लकी सिंह और अन्य साथियों के साथ मिलकर कई वर्षों से अंतरराज्यीय शराब तस्करी का कारोबार चला रहा था।
गिरोह पंजाब और चंडीगढ़ से अवैध अंग्रेजी शराब ट्रकों में लोड कर उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार, झारखंड, गुजरात, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ तक पहुंचाता था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस की नजर से बचने के लिए शराब की पेटियों को ट्रकों में रखे—
-
सड़े अंडों,
-
मुर्गी के दाने,
-
प्लास्टिक स्क्रैप,
-
पास्ता,
-
आलू
जैसे सामानों के बीच छिपाया जाता था, ताकि जांच के दौरान किसी को संदेह न हो।
पहले भी कई बार पकड़ा जा चुका है गिरोह
एसटीएफ के अनुसार वर्ष 2023 में आरोपी का गिरोह अवैध अंग्रेजी शराब लेकर बिहार जा रहा था। उस दौरान अमेठी के कमरौली थाना क्षेत्र में एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को ट्रक और भारी मात्रा में शराब के साथ गिरफ्तार किया था।
इस मामले में मुकदमा संख्या 95/2023 दर्ज किया गया था। बाद में 24 जनवरी 2024 को मनवीर सिंह और उसके साथी पवन कुमार को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
प्रयागराज में भी पकड़ी गई थी शराब की बड़ी खेप
इसी वर्ष 2023 में आरोपी और उसके साथियों ने एक बार फिर भारी मात्रा में अवैध शराब को गत्तों में रखे सड़े अंडों की आड़ में ट्रक के जरिए उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार और झारखंड भेजने की कोशिश की थी।
एसटीएफ ने प्रयागराज में इस खेप को पकड़ लिया था। इस मामले में थाना नवाबगंज में मुकदमा संख्या 393/2023 दर्ज किया गया था। ट्रक चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जबकि मनवीर सिंह फरार हो गया था।
इसके बाद उसके खिलाफ ₹50 हजार का इनाम घोषित किया गया। इनामी घोषित होने के बाद आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा और गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रह रहा था।
आरोपी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
एसटीएफ के अनुसार मनवीर सिंह उर्फ मन्नू का आपराधिक इतिहास भी लंबा है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों—
-
अमेठी
-
सुल्तानपुर
-
प्रयागराज
-
कौशाम्बी
-
कानपुर नगर
में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा आबकारी अधिनियम के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं।
अधिकांश मामलों में भारतीय न्याय संहिता/पूर्व आईपीसी की धाराएं 419, 420, 467, 468, 471 तथा आबकारी अधिनियम की धारा 60(1), 63 और 72 के तहत कार्रवाई की गई है।
एसटीएफ की जांच जारी
एसटीएफ का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर अब उसके पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं और किन राज्यों तक इस नेटवर्क की पहुंच थी।
जांच एजेंसियां गिरोह की आर्थिक गतिविधियों, शराब की सप्लाई चेन, परिवहन व्यवस्था और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।
फिलहाल आरोपी को प्रयागराज लाकर संबंधित न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और स्थानीय पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
COMMENTS