हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सुशांत लोक में गुरुवार रात पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर दीपक नांदल गैंग के शूटर्स के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में चार बदमाश मारे गए, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दौरान तीन पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं। पुलिस का दावा है कि बदमाश रंगदारी की धमकी के बाद एक बड़े कारोबारी के घर फायरिंग करने पहुंचे थे। मामले की जांच में विदेशी हथियार, डिजिटल नेटवर्क और विदेश में बैठे गैंगस्टर के कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।
हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में गुरुवार रात हुई एक हाई-प्रोफाइल पुलिस मुठभेड़ ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी। शहर के पॉश इलाके सुशांत लोक में रंगदारी वसूली के इरादे से पहुंचे गैंगस्टर दीपक नांदल गिरोह के पांच हथियारबंद शूटर्स और गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में चार बदमाश मारे गए, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस कार्रवाई के दौरान तीन पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है।
पुलिस के अनुसार घटना की शुरुआत तब हुई जब विदेश में बैठकर कथित रूप से रंगदारी का नेटवर्क संचालित करने वाले गैंगस्टर दीपक नांदल ने गुरुग्राम के एक बड़े कारोबारी को कथित तौर पर फिरौती देने की धमकी दी। कारोबारी द्वारा रकम देने से इनकार किए जाने के बाद गैंग ने पांच शूटर्स को उसके घर पर हमला करने के लिए भेजा।
बताया जा रहा है कि बदमाश गुरुवार रात काले रंग की स्कॉर्पियो से सुशांत लोक पहुंचे और कारोबारी के घर के बाहर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार निशाने पर एसजीटी यूनिवर्सिटी के संस्थापक के बेटे विशाल बेरी का घर था, जिन्हें पिछले कुछ समय से रंगदारी से जुड़े धमकी भरे संदेश मिल रहे थे।

इसी बीच गुरुग्राम पुलिस के कंट्रोल रूम को पहले ही संदिग्ध हथियारबंद बदमाशों के इलाके में आने की सूचना मिल चुकी थी। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय हो गई और इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो अपराधियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन आरोप है कि बदमाशों ने पुलिस टीम पर ही गोलियां चला दीं।
इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। घटनास्थल पर दोनों ओर से भारी फायरिंग हुई। विभिन्न प्रारंभिक रिपोर्टों में करीब 60 राउंड से अधिक गोलियां चलने की बात सामने आई है, जबकि कुछ पुलिस अधिकारियों ने 20 से अधिक राउंड फायरिंग का भी उल्लेख किया है। भारी गोलीबारी के बाद पांचों शूटर घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने चार बदमाशों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक का उपचार जारी है।
मुठभेड़ में घायल हुए तीन पुलिसकर्मियों को भी तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सभी घायल जवानों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी क्राइम, डीसीपी ईस्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण किया और अहम साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से पांच पिस्तौल, जिनमें तीन विदेशी अत्याधुनिक पिस्तौल शामिल हैं, बरामद की हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। जिस स्कॉर्पियो वाहन में बदमाश आए थे, वह प्रारंभिक जांच में किराये पर ली गई बताई जा रही है।
मामले को लेकर एसीपी सदर धर्मवीर सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने बदमाशों को आत्मसमर्पण का अवसर दिया, लेकिन उन्होंने पुलिस पर जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
जांच एजेंसियों के अनुसार गैंगस्टर दीपक नांदल लंबे समय से विदेश में रहकर हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में रंगदारी का नेटवर्क संचालित करने के आरोपों का सामना कर रहा है। पुलिस का कहना है कि उसके गुर्गे Signal और Zangi जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से संपर्क में रहते हैं।

पिछले वर्ष एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए गैंग के एक सदस्य से पूछताछ में यह भी सामने आया था कि गिरोह के लिए रकम सीधे बैंक खातों में भेजने के बजाय कैश डिपॉजिट मशीनों के जरिए जमा कराई जाती थी, ताकि लेन-देन का पता लगाना कठिन हो सके।
एसटीएफ की पूर्व जांच में दीपक नांदल द्वारा इस्तेमाल किए गए एक डिजिटल डिवाइस का आईपी एड्रेस पुर्तगाल से जुड़ा मिला था। हालांकि विभिन्न रिपोर्टों में उसके लंदन या दुबई में होने के दावे भी किए गए हैं। उसकी वर्तमान लोकेशन की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद गुरुग्राम पुलिस अब केवल मुठभेड़ की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के स्थानीय सहयोगी कौन हैं, हथियार कहां से आए, फंडिंग का स्रोत क्या है और विदेश में बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए किन डिजिटल व वित्तीय कड़ियों की जांच जरूरी है।
गुरुग्राम की इस कार्रवाई को उत्तर भारत में सक्रिय रंगदारी गिरोहों के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। हालांकि पुलिस का मानना है कि चार शूटर्स के मारे जाने के बावजूद जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
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