दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने की MCD कार्रवाई हिंसक विरोध में बदल गई। पथराव, आगजनी और आंसू गैस के बीच भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के लिए नगर निगम दिल्ली (MCD) द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई ने देर रात गंभीर तनाव का रूप ले लिया। यह कार्रवाई हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही थी, लेकिन विरोध, पथराव और आगजनी के चलते इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान पुलिस के कई जवान घायल हो गए, जबकि हालात को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज करना पड़ा।
प्रशासन के अनुसार यह अतिक्रमण प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण में बाधा बन रहा था। मस्जिद की संरचना को छोड़ते हुए पूरे प्रांगण में अवैध निर्माण को हटाने के लिए पहले सात बुलडोजर लगाए गए थे। बुधवार सुबह और मशीनें मंगवाई गईं, जिसके बाद अब मौके पर करीब 20 बुलडोजरों से कार्रवाई जारी है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है तथा स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।
सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने बताया कि कुछ लोगों ने पत्थर फेंककर ड्राइव को रोकने की कोशिश की, लेकिन हालात को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। उन्होंने कहा कि सीमित और आवश्यक बल का प्रयोग किया गया तथा ऑपरेशन से पहले स्थानीय लोगों के साथ कई समन्वय बैठकें भी की गई थीं।
यह कार्रवाई हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के 12 नवंबर 2025 के आदेश के तहत की जा रही है, जिसमें MCD और PWD को तुर्कमान गेट-रामलीला मैदान क्षेत्र में 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। यह आदेश सेव इंडिया फाउंडेशन की याचिका पर पारित हुआ था, जिसकी पैरवी अधिवक्ता उमेश चंद्र शर्मा ने की थी।

अक्टूबर 2025 में हुए संयुक्त सर्वे में जमीन पर अतिक्रमण दर्ज किया गया था, जो MCD, PWD और L&DO के अधिकार क्षेत्र में बताई गई। नोटिस के बाद 4 जनवरी को MCD अधिकारी जब स्थल पर पहुंचे, तो उन्हें स्थानीय विरोध का सामना करना पड़ा। वहीं मस्जिद सैयद इलाही मैनेजमेंट कमेटी ने MCD के आदेश को चुनौती देते हुए दावा किया है कि यह अधिसूचित वक्फ संपत्ति है और विवाद पर वक्फ ट्रिब्यूनल का विशेष अधिकार क्षेत्र बनता है। मामला अभी न्यायालय में लंबित है।
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