उत्तर प्रदेश में SIR के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। 2.89 करोड़ नाम हटने से सियासी घमासान तेज, चुनाव आयोग ने दावे-आपत्तियों की अंतिम तारीख 6 फरवरी तय की।
उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग ने मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची के मुताबिक प्रदेश में अब कुल 12 करोड़ 55 लाख मतदाता दर्ज हैं। पुनरीक्षण के दौरान 2 करोड़ 89 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग 18.7 प्रतिशत है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि पहले चरण में उत्तर प्रदेश में 15.44 करोड़ मतदाता थे, जो अब घटकर 12.55 करोड़ रह गए हैं। यह राज्य के इतिहास में मतदाता सूची की अब तक की सबसे बड़ी छंटनी मानी जा रही है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, हटाए गए नामों में 46.23 लाख मृत मतदाता, 2.17 करोड़ ऐसे वोटर जो स्थानांतरित हो चुके हैं, और 25.47 लाख डुप्लीकेट नाम शामिल हैं। जिन मतदाताओं के गणना फॉर्म वापस नहीं मिले, उनकी संख्या लगभग 18 प्रतिशत रही।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। जिनका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं, जबकि सुधार के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है। सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 जारी किया गया है।
मतदाता voters.eci.gov.in या ceo uttarpradesh.nic.in पर जाकर EPIC नंबर के माध्यम से अपना नाम देख सकते हैं। अंतिम और संशोधित मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
ड्राफ्ट लिस्ट जारी होते ही राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने बड़े पैमाने पर नाम हटने को लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए की गई है।
COMMENTS