ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने फरार आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-150 स्थित टी-प्वाइंट के पास मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए प्लॉट में भरे पानी में डूबने से युवराज की मौत हो गई थी। इस मामले में फरार लोटस ग्रीन बिल्डर के मालिक निर्मल सिंह पर अब पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, निर्मल सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) पहले ही जारी किया जा चुका है, वहीं उसकी गिरफ्तारी के लिए सर्कुलर नोटिस भी जारी किया गया है ताकि अन्य राज्यों की पुलिस की मदद से उसे पकड़ा जा सके। पुलिस अब निर्मल सिंह और उसकी कंपनी के बैंक खातों को फ्रीज करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही बिल्डर के करीबियों और निजी सहायकों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

घटना के बाद से ही आरोपित बिल्डर का मोबाइल फोन स्विच ऑफ है। पुलिस ने कॉल डिटेल और बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां निकलवाई हैं। युवराज मेहता की मौत के मामले में अब तक लोटस ग्रीन बिल्डर कंपनी के निदेशक रवि बंसल और सचिन करनवाल, जबकि एमजेड विशटाउन बिल्डर कंपनी के डायरेक्टर अभय कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, निर्मल सिंह, मनोज कुमार, संजय कुमार और अचल वोहरा अभी भी फरार हैं।
इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को अदालत में होनी है। वहीं, युवराज मेहता की बहन और जीजा, जो यूनाइटेड किंगडम में रहते हैं, उन्हें भारत आने का वीजा मिल गया है और दोनों के इस सप्ताह भारत पहुंचने की संभावना है। युवराज की मौत के बाद उनके पिता राजकुमार मेहता अकेले हैं, क्योंकि उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है।
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