नोएडा फेस-1 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय वाहन चोर आशु ढेढा को गिरफ्तार किया है। आरोपी और उसके नाबालिग साथी की निशानदेही पर 12 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में रेकी कर बाइक चोरी करता था और बाद में उन्हें कबाड़ियों व राहगीरों को बेच देता था।
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं के बीच नोएडा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना फेस-1 पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय वाहन चोर को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में सक्रिय होकर बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की 12 दोपहिया गाड़ियां बरामद की हैं, जिनमें 10 मोटरसाइकिल, एक स्कूटी और एक चोरी की मोटरसाइकिल का चेसिस शामिल है। पुलिस ने आरोपी के साथ एक बाल अपचारी को भी अभिरक्षा में लिया है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 15 जुलाई 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। थाना फेस-1 पुलिस ने बर्ड सेंचुरी अंडरपास के पास घेराबंदी कर आशु ढेढा को गिरफ्तार किया। पूछताछ और उसकी निशानदेही पर चोरी के वाहन बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। वह पहले दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी करता था। जहां भी उसे मौका मिलता, वहां से मोटरसाइकिल चोरी कर लेता। चोरी के तुरंत बाद वह वाहन को किसी सुनसान जगह ले जाने के बजाय सेक्टरों में पहले से खड़े अन्य वाहनों के बीच खड़ा कर देता, ताकि किसी को उस पर शक न हो।

कुछ दिनों तक वाहन वहीं खड़ा रहने के बाद आरोपी जरूरत पड़ने पर उसे निकालता और अपनी आर्थिक मजबूरी का बहाना बनाकर कबाड़ियों या राह चलते लोगों को बेहद कम कीमत में बेच देता था। पुलिस के मुताबिक, चोरी की गाड़ियों की बिक्री से मिलने वाली रकम को आरोपी अपने साथी के साथ बांटकर मौज-मस्ती और निजी शौक पूरे करने में खर्च करता था।
दिल्ली से लेकर नोएडा तक फैला था नेटवर्क
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद एक मोटरसाइकिल की जांच 'जिप नेट' (ZIPNET) के माध्यम से की, जिसमें वह दिल्ली के थाना ईस्ट विनोद नगर क्षेत्र से चोरी की निकली। इसके बाद आरोपी की फोटो उत्तर प्रदेश पुलिस के 'यक्ष ऐप' और 'गाण्डीव पोर्टल' पर अपलोड रिकॉर्ड से मिलाई गई, जहां उसके खिलाफ पहले से दर्ज कई मामलों की पुष्टि हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का नेटवर्क दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद तक फैला हुआ था और वह अलग-अलग राज्यों में वाहन चोरी कर उन्हें दूसरे क्षेत्रों में बेच देता था, जिससे वाहन का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।
33 से अधिक आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज
गिरफ्तार आरोपी आशु ढेढा कोई नया अपराधी नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ दिल्ली, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में 33 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वाहन चोरी, लूट, चोरी का सामान रखने, आर्म्स एक्ट तथा अन्य गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी कई बार जेल जा चुका है, लेकिन हर बार बाहर आने के बाद उसने दोबारा वाहन चोरी का नेटवर्क खड़ा कर लिया। यही वजह है कि उसका नाम पहले से पुलिस के निगरानी रिकॉर्ड में भी दर्ज था।

12 वाहन बरामद, कई मामलों का खुलासा होने की उम्मीद
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कुल 12 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। इनमें दिल्ली और नोएडा के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी हुई मोटरसाइकिलें शामिल हैं। बरामद वाहनों में कुछ ऐसे वाहन भी हैं, जिनके संबंध में पहले से दर्ज मुकदमों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान और मुकदमों का मिलान अभी किया जा रहा है।
बरामद मोटरसाइकिलों में सेक्टर-24, सेक्टर-49, फेस-1 नोएडा, दिल्ली के कल्याणपुरी, गोविंदपुरी और शकरपुर थाना क्षेत्रों से चोरी किए गए वाहन भी शामिल हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से वाहन चोरी की कई लंबित वारदातों का भी खुलासा हो सकेगा।
बाल अपचारी की भूमिका की भी जांच
इस मामले में पुलिस ने एक बाल अपचारी को भी अभिरक्षा में लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह चोरी की वारदातों में किस स्तर तक शामिल था और क्या वह केवल वाहन छिपाने में मदद करता था या चोरी की घटनाओं में भी सक्रिय भूमिका निभाता था।

यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी।
पुलिस की अपील
नोएडा पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें, हैंडल लॉक और अतिरिक्त सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें तथा संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और इंटेलिजेंस नेटवर्क के माध्यम से वाहन चोरी करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना फेस-1 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने हाल के महीनों में और कितनी वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया तथा उसके संपर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
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