उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनता दर्शन कार्यक्रम में खुद फरियादियों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में सोमवार को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में जन-सेवा का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि उप मुख्यमंत्री ने पारंपरिक औपचारिकताओं को दरकिनार करते हुए खुद आगे बढ़कर फरियादियों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों में लोग अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते हैं, लेकिन यहां मौर्य ने खुद लोगों के बीच जाकर उनकी बात सुनकर प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय दिया।

सुदूर इलाकों से पहुंचे सैकड़ों लोग
जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग और दूरदराज के जिलों से सैकड़ों लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इन लोगों ने अपनी पीड़ा सीधे उप मुख्यमंत्री के सामने रखी, जिस पर उन्होंने न केवल सहानुभूति जताई बल्कि तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
बांदा से आए रामदत्त और ओम प्रकाश ने अपनी जमीन पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटवाने की गुहार लगाई। वहीं वाराणसी के विजय शर्मा ने गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग रखी, जबकि राजेंद्र कुमार ने जटिल भूमि विवाद के समाधान की अपील की।
कानपुर देहात के दीपक कुमार ने अपने खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने और उसे निरस्त करने की मांग की। वहीं कासगंज के चंदन सिंह ने अपने पुराने जमीन विवाद के न्यायसंगत निपटारे की गुहार लगाई।

बदायूं से भी पहुंचे कई फरियादी
बदायूं जिले से आए फरियादियों की संख्या भी काफी अधिक रही। यहां से राम विलास ने वैध बिजली कनेक्शन होने के बावजूद दर्ज किए गए मुकदमे की जांच कराने की मांग की। चंद्रपाल ने बिजली से जुड़े अन्य मामलों को उठाया, जबकि राम अवतार शाक्य ने अपनी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की अपील की।
आवास और इलाज के लिए भी गुहार
बलरामपुर के राम अक्षयबर ने असाध्य बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगी। फर्रुखाबाद की प्रेमवती शाक्य और सीतापुर के दीपू ने आवास दिलाने की मांग की। वहीं महोबा के दयाशंकर ने अपनी पट्टे की जमीन को दबंगों से मुक्त कराने की समस्या रखी।
मौके पर ही अधिकारियों को दिए निर्देश
इन सभी मामलों पर उप मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP/SP) से सीधे फोन पर बात की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर पीड़ित को जमीनी स्तर पर न्याय मिलना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर शिकायत का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मानवीय मामलों में विशेष प्राथमिकता
उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चिकित्सा सहायता, आवास और अंत्योदय से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का इलाज केवल पैसे की कमी के कारण नहीं रुकना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार हर पात्र व्यक्ति के साथ खड़ी है और जरूरतमंदों को हर संभव सहायता दी जाएगी।
प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर
श्री मौर्य के इस सख्त और संवेदनशील रुख ने प्रशासनिक तंत्र को भी सक्रिय और जवाबदेह बनाने का काम किया। उनके द्वारा मौके पर ही अधिकारियों से बातचीत और निर्देश देने से यह स्पष्ट संदेश गया कि सरकार जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर है।

लोगों में बढ़ा विश्वास
जनता दर्शन में मौजूद लोगों के लिए यह अनुभव अलग था। उप मुख्यमंत्री का इस तरह सीधे उनके पास आकर समस्याएं सुनना और तुरंत कार्रवाई करना लोगों के बीच विश्वास का माहौल बनाने में सफल रहा।
इस पहल ने यह साबित किया कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में उप मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि हर शिकायत का समयबद्ध समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए और इसमें किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
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