गाजियाबाद में जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी ने कई समस्याओं का तत्काल समाधान किया, दिव्यांग महिला को श्रवण यंत्र और मोटराइज्ड साइकिल देने के निर्देश दिए।
गाजियाबाद में प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की एक मिसाल उस समय देखने को मिली, जब जिलाधिकारी Ravindra Kumar Mandar ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित “जनता दर्शन” के दौरान आम नागरिकों की समस्याओं को न केवल सुना, बल्कि कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी सुनिश्चित किया।
जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं। इनमें राजस्व विभाग, जीडीए, नगर निगम, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग और निर्माण विभाग से जुड़े प्रार्थना पत्र शामिल थे।
त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण शासन की मंशा के अनुरूप त्वरित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए।

सीएम ऑफिस से लाइव मॉनिटरिंग
इस जनता दर्शन कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि इसकी मॉनिटरिंग सीधे Chief Minister Office Uttar Pradesh से लाइव कनेक्टिविटी के माध्यम से की जा रही थी।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जनता की शिकायतें सीधे उच्च स्तर तक पहुंचे और उनके समाधान में पारदर्शिता बनी रहे।
सुबह 10 से 12 बजे तक रोज जनसुनवाई
जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से जन शिकायतें सुनी जाएं।
इसके साथ ही, अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे जूम प्लेटफॉर्म पर लाइव जुड़े रहें, ताकि शिकायतों का तत्काल समाधान किया जा सके और किसी भी प्रकार की देरी न हो।

मौके पर समाधान की मिसाल
जनता दर्शन के दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने जूम के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से सीधे संपर्क किया और उन्हें तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस दौरान प्रशासन की सक्रियता और तत्परता साफ दिखाई दी, जिससे आम लोगों में विश्वास बढ़ा।
दिव्यांग महिला को मिली त्वरित सहायता
कार्यक्रम के दौरान एक भावनात्मक क्षण तब सामने आया जब एक दिव्यांग महिला, श्रीमती दीनमनी शर्मा, अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी के सामने पहुंचीं।
महिला ने सुनने में परेशानी और चलने में कठिनाई की बात बताई। इस पर जिलाधिकारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दिव्यांग कल्याण विभाग को निर्देश दिया कि उन्हें तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया जाए।
इतना ही नहीं, उन्होंने अगले ही दिन महिला को मोटराइज्ड साइकिल प्रदान करने के भी निर्देश दिए, जिससे उनकी दैनिक जिंदगी आसान हो सके।

आवास और रोजगार से जुड़ी समस्या का समाधान
जनता दर्शन में अंकूर विहार निवासी अरुण शर्मा ने भी अपनी समस्या रखी। उन्होंने बताया कि उन्हें पूर्व में दिए गए निर्देश के अनुसार आवास मिल चुका है, जबकि रोजगार के लिए उन्हें आश्वासन दिया गया है।
इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि रोजगार के मामले में भी शीघ्र कार्रवाई की जाए और लाभार्थी को समय पर सहायता मिले।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस कार्यक्रम में एडीएम एल/ए Avneesh Singh और एडीएम सिटी Vikas Kashyap सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने विभागों की शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करें और जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने दें।
प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में कदम
यह जनता दर्शन कार्यक्रम केवल शिकायत सुनने का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
जिलाधिकारी की सक्रियता और मौके पर लिए गए निर्णयों ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध भी।
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