उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी ने सोमवार को एक विशेष ‘डेवलपर-इन्वेस्टर फैसिलिटेशन वेबिनार’ का आयोजन किया, जिसमें देश और विदेश के प्रमुख डेवलपर्स और निवेशकों को एक साझा मंच पर लाया गया। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में ‘प्लग-एंड-प्ले’ इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने के अवसरों को बढ़ावा देना और निवेश को आकर्षित करना है।
इस वेबिनार में कई दिग्गज उद्योग समूहों ने सक्रिय भागीदारी की। इनमें CREDAI, Sembcorp, Adani Ports and Special Economic Zone, Cushman & Wakefield, DLF, Omaxe Group, DBS Bank, Ajmera Realty और Infinity Group जैसे नाम शामिल रहे। इन सभी ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों की सराहना करते हुए निवेश के बेहतर अवसरों पर चर्चा की।
वेबिनार के दौरान परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन, फाइनेंसिंग मॉडल और योजना निर्माण को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए गए। निवेशकों ने राज्य में बढ़ते औद्योगिक माहौल को सकारात्मक बताया और भविष्य में बड़े निवेश की संभावनाओं की ओर संकेत किया।
इस अवसर पर ‘इन्वेस्ट यूपी’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय किरण आनंद ने राज्य की दो प्रमुख नीतियों—‘प्राइवेट बिज़नेस पार्क पॉलिसी’ और ‘यूपी प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड पॉलिसी (DBFOT मॉडल)’—पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन नीतियों का उद्देश्य एक ऐसा ‘रेडी-टू-मूव’ औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां निवेशक तुरंत अपने उद्योग स्थापित कर सकें।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को केवल एक मैन्युफैक्चरिंग हब ही नहीं, बल्कि अनुसंधान एवं विकास (R&D) और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। वर्तमान में नोएडा GCC हब के रूप में तेजी से उभर रहा है, जबकि लखनऊ भी नई नीतियों के तहत निवेश आकर्षित कर रहा है।
राज्य की मजबूत अवसंरचना को इस पहल की रीढ़ माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 7 संचालित एक्सप्रेसवे, 15 प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर और 16 घरेलू व 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का नेटवर्क मौजूद है। इनमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को विशेष रूप से गेम चेंजर के रूप में देखा जा रहा है, जो वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस दौरान यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर.के. सिंह ने यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के विकास मॉडल को प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के कारण निवेश के लिए अत्यंत अनुकूल है और यहां उद्योगों के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
राज्य सरकार द्वारा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 36 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू की गई हैं, जिनमें इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट प्रमोशन पॉलिसी 2022 और FDI/FCI पॉलिसी 2023 प्रमुख हैं। इन नीतियों का उद्देश्य निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना और उद्योगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।
‘इन्वेस्ट यूपी’ ने यह भी स्पष्ट किया कि वह निवेशकों के लिए एक सक्रिय सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। ‘निवेश मित्र 3.0’ पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को त्वरित स्वीकृतियां और बेहतर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।
कुल मिलाकर, यह वेबिनार उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक औद्योगिक हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। अब देखना यह होगा कि इन चर्चाओं और योजनाओं का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ता है और क्या राज्य वास्तव में वैश्विक निवेश का केंद्र बन पाता है।
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