उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में बढ़ोतरी करते हुए इसे ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति कुंतल कर दिया है। गौतमबुद्धनगर में इस फैसले से 361 उचित दर विक्रेता लाभान्वित होंगे। सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली की भी शुरुआत की।
राशन की दुकान से लेकर सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली तक सबसे अहम कड़ी माने जाने वाले उचित दर विक्रेताओं यानी कोटेदारों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। लंबे समय से राशन वितरण व्यवस्था को जमीन पर संभालने वाले प्रदेश के हजारों कोटेदारों के लाभांश में अब बढ़ोतरी की गई है।
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति कुंतल करने की घोषणा की।
सरकार के इस फैसले का असर गौतमबुद्धनगर में भी दिखाई देगा। जिले में 361 उचित दर विक्रेता इस लाभांश वृद्धि से सीधे लाभान्वित होंगे।
लेकिन सरकार का फैसला सिर्फ लाभांश बढ़ाने तक सीमित नहीं रहा। राशन वितरण व्यवस्था में फीडबैक और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का भी शुभारंभ किया गया।
लखनऊ से गौतमबुद्धनगर तक जुड़ा कार्यक्रम
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण गौतमबुद्धनगर के कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। यहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पूर्ति विभाग के कर्मचारियों और बड़ी संख्या में कोटेदारों ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को देखा और सुना।
कार्यक्रम में दादरी विधायक तेजपाल नागर, भाजपा जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, जिलाधिकारी सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्ति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और उचित दर विक्रेता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद स्थानीय स्तर पर कोटेदारों में भी उत्साह देखने को मिला। वजह साफ है—लाभांश में ₹35 प्रति कुंतल की बढ़ोतरी सीधे उनके आर्थिक हित से जुड़ी है।
सरकार का कहना है कि इस निर्णय से उचित दर विक्रेताओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।

अब तक उचित दर विक्रेताओं को ₹90 प्रति कुंतल का लाभांश मिलता था। सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹125 प्रति कुंतल कर दिया है।
यानी प्रत्येक कुंतल पर कोटेदारों को अब ₹35 अधिक लाभांश मिलेगा।
प्रदेश स्तर पर यह फैसला 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं को प्रभावित करेगा, जबकि गौतमबुद्धनगर में 361 उचित दर दुकानों के कोटेदार इसका लाभ उठाएंगे।
दादरी विधायक तेजपाल नागर ने जिले के सभी 361 उचित दर विक्रेताओं को इस बढ़ोतरी पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यह फैसला उचित दर विक्रेताओं के आर्थिक हितों को मजबूत करने वाला है।
उन्होंने यह भी कहा कि उचित दर विक्रेता सार्वजनिक वितरण प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके हित में किए जा रहे प्रयासों से राशन वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
अब कोटेदारों की आवाज भी डिजिटल तरीके से पहुंचेगी
सरकार ने लाभांश बढ़ाने के साथ एक और महत्वपूर्ण व्यवस्था शुरू की है।
सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ किया गया है।
इस प्रणाली के जरिए उचित दर विक्रेताओं से राशन वितरण व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं, सुझावों और फीडबैक को डिजिटल माध्यम से लिया जा सकेगा।
यानी राशन की आपूर्ति, वितरण व्यवस्था या उससे जुड़ी किसी समस्या को लेकर कोटेदारों की बात अब डिजिटल सिस्टम के जरिए संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सकेगी।
इसका उद्देश्य शिकायतों और समस्याओं को समय रहते संज्ञान में लेना और उनके समाधान की प्रक्रिया को तेज करना है।
सरकार का मानना है कि इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावशीलता और मजबूत होगी।

जिले में कार्यक्रम को सिर्फ कलेक्ट्रेट तक सीमित नहीं रखा गया।
जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार नोएडा और दादरी विधानसभा क्षेत्र के लिए कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया, जबकि जेवर विधानसभा क्षेत्र का कार्यक्रम तहसील जेवर सभागार में आयोजित हुआ।
जेवर में भी मुख्यमंत्री के लखनऊ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा और सुना गया।
यहां जेवर ब्लॉक प्रमुख मुन्नी देवी पहाड़िया, उप जिलाधिकारी दुर्गेश सिंह, पूर्ति विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में कोटेदार मौजूद रहे।
अधिकारियों ने भी किया फैसले का स्वागत
जिलाधिकारी ने भी जिले के सभी उचित दर विक्रेताओं को लाभांश बढ़ने पर शुभकामनाएं दीं और शासन के इस फैसले का स्वागत किया।
कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इनमें मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी निलेश उत्पल, क्षेत्रीय जिला पूर्ति अधिकारी स्मृति गौतम सहित सभी पूर्ति निरीक्षक और पूर्ति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
इसके अलावा जिले की उचित दर दुकानों से जुड़े कोटेदार भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

सरकार के इस फैसले को केवल आर्थिक लाभ के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। उचित दर विक्रेता सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतिम छोर पर काम करते हैं। सरकार की ओर से भेजा गया खाद्यान्न आखिरकार लाभार्थी तक इन्हीं दुकानों के माध्यम से पहुंचता है।
ऐसे में कोटेदारों के लाभांश में बढ़ोतरी से जहां उनके आर्थिक हित मजबूत होंगे, वहीं नई डिजिटल फीडबैक व्यवस्था के जरिए वितरण प्रणाली की जमीनी समस्याओं को सामने लाने का रास्ता भी खुलेगा।
एक तरफ सरकार ने ₹35 प्रति कुंतल लाभांश बढ़ाकर आर्थिक राहत दी है, तो दूसरी तरफ ई-पॉस आधारित फीडबैक सिस्टम के जरिए व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि नई व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है और कोटेदारों से मिलने वाला फीडबैक राशन वितरण की वास्तविक समस्याओं के समाधान में कितना कारगर साबित होता है।
फिलहाल गौतमबुद्धनगर के 361 कोटेदारों के लिए यह फैसला निश्चित तौर पर आर्थिक राहत लेकर आया है, जबकि प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं को इसका व्यापक लाभ मिलने जा रहा है।
COMMENTS