उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीखा जवाब दिया है। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष स्कूलों के वीडियो बनाना चाहता है तो जरूर बनाए, लेकिन सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं। उन्होंने फर्श, अलग-अलग शौचालय, पेयजल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, फर्नीचर और बच्चों को बैग, किताब, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे व स्वेटर देने का दावा किया।
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीधे तौर पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा।
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विपक्ष के उस आरोप का जवाब दिया, जिसमें स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए वीडियो बनाने की बात कही जा रही है। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा, “आज ये कह रहे हैं कि हम स्कूलों का वीडियो बनाएंगे। जरूर बनाओ भाई।”
इसके बाद मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सरकारी स्कूलों में किए गए कामों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा रखा।
फर्श से स्मार्ट क्लास तक, स्कूलों में क्या बदला?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से प्रदेश के स्कूलों में बेहतर फ्लोरिंग कराई गई है। बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं और पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा दी गई है। बच्चों के लिए फर्नीचर उपलब्ध कराने का काम भी किया गया है।
सीएम योगी ने बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक प्रदेश के करीब 1 करोड़ 60 लाख बच्चों को स्कूल बैग और किताबें दी गई हैं। इसके अलावा प्रत्येक बच्चे को यूनिफॉर्म, जूते, मोजे और स्वेटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
यानी सरकार का दावा है कि सरकारी स्कूलों में अब केवल भवन खड़ा करने तक की सोच नहीं है, बल्कि बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी बुनियादी और आधुनिक सुविधाएं एक साथ उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी ने मौजूदा व्यवस्था की तुलना 2017 से पहले की स्थिति से करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि उस समय कहीं भवन नहीं था और अगर भवन था तो शिक्षक नहीं था। शिक्षक था तो छात्र नहीं थे। मुख्यमंत्री के मुताबिक कई बच्चे सत्र पूरा होने से पहले ही स्कूल छोड़ देते थे, क्योंकि स्कूलों में पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं।
सीएम योगी ने कहा कि अब निपुण भारत अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के बच्चे सिर्फ अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वाक्य विन्यास करने में भी सक्षम हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बच्चे अपने स्कूलों में विज्ञान, गणित और अंग्रेजी की पढ़ाई कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्कूलों के भ्रमण का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह विद्यालयों में जाते हैं तो वहां बच्चों को कुछ बेहतर करते हुए देखते हैं। उनके मुताबिक यही बदलाव अब जमीन पर दिखाई दे रहा है।
कोटेदारों से बोले- ‘आपकी गलती नहीं थी’
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उचित दर विक्रेताओं यानी कोटेदारों को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का काम ऐसा होना चाहिए कि उसके काम से उसे सम्मान मिले और कम से कम अपमान महसूस न करना पड़े।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले कोटेदार अपना काम करते थे, लेकिन लोगों की निगाहों में उनके प्रति संदेह रहता था। उन्होंने कहा कि उस समय ‘कोटेदार’ शब्द सुनते ही लोगों में एक तरह की चिढ़ पैदा हो जाती थी।
मुख्यमंत्री ने इसके लिए तत्कालीन सत्ता व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि गलती कोटेदारों की नहीं थी। उनके शब्दों में, “पाप करता था कोई, भुक्त भोगी होता था कोई।”
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सत्ता में बैठे लोगों की नीयत खराब थी और भ्रष्ट आचरण की वजह से कोटेदार भी संदेह के घेरे में आ जाते थे।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की बदलती छवि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के करीब 20 से 22 करोड़ लोगों को भी एक तरह की शक की निगाह से देखा जाता था।
सीएम योगी के मुताबिक उत्तर प्रदेश का युवा, व्यापारी, बेटियां और आम नागरिक जब दूसरे राज्यों में जाते थे तो उन्हें वह सम्मान नहीं मिलता था, जो मिलना चाहिए था।
उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश का ओवरऑल परसेप्शन बदला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले जो लोग उत्तर प्रदेश से दूरी बनाते थे, आज देश के किसी भी हिस्से या दुनिया के किसी कोने में यूपी का नाम लेने पर लोग गले लगाने को तैयार हैं।
कोटेदारों को बड़ा तोहफा, लाभांश ₹90 से बढ़कर ₹125 प्रति कुंतल
इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उचित दर विक्रेताओं से जुड़ा रहा। मुख्यमंत्री के मुताबिक उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति कुंतल किया गया है।
इसके साथ ही सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का भी शुभारंभ किया गया।
सीएम योगी ने उचित दर विक्रेताओं को आश्वस्त किया कि वे अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण के लिए सरकार धनराशि का आवंटन करेगी।
‘हर घर तिरंगा’ का भी किया जिक्र
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लोगों के नाम एक पत्र भी लिखा। अपनी पाती में उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ यात्रा का जिक्र किया और प्रदेशवासियों को इससे जुड़ने का संदेश दिया।
वहीं, श्रावण मास के तृतीय सोमवार और पावन नाग पंचमी के अवसर पर सरकार की ओर से दिए गए इन उपहारों के लिए मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थियों को बधाई दी।
अब स्कूलों को लेकर मुख्यमंत्री के दावों और विपक्ष के आरोपों के बीच असली तस्वीर क्या है, यह सवाल आगे भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रहेगा। लेकिन मुख्यमंत्री का संदेश साफ है—सरकार अपने काम का हिसाब देने को तैयार है और विपक्ष अगर स्कूलों का वीडियो बनाना चाहता है तो वह भी बनाए। सवाल अब यही है कि कैमरे के सामने आने वाली तस्वीर किसके दावे को मजबूत करती है।
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