ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय में 23 से 25 फरवरी 2026 तक इंडियन सोसाइटी ऑफ साइकियाट्रिक नर्सेज (ISPN) का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित। मानसिक स्वास्थ्य नर्सों को आपदा और आपातकाल में सशक्त बनाने पर विशेष जोर।
तेजी से बदलती दुनिया… बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं… महामारी का खतरा… और इन सबके बीच सबसे बड़ी जरूरत — मानसिक सहारा।
इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए Sharda University में 23 से 25 फरवरी 2026 तक Indian Society of Psychiatric Nurses (ISPN) का 4वां अंतरराष्ट्रीय एवं 25वां वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
यह सम्मेलन मानसिक स्वास्थ्य और मनोचिकित्सा नर्सिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस वर्ष सम्मेलन का विषय है —
“सेवाओं तक पहुंच: आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य – नर्सों को सशक्त बनाना।”
इस विषय का उद्देश्य स्पष्ट है — संकट के समय मानसिक स्वास्थ्य नर्सों को अधिक सक्षम बनाना, ताकि वे प्रभावित लोगों को प्रभावी और संवेदनशील सहायता प्रदान कर सकें।

तीन दिवसीय इस सम्मेलन में देश और विदेश के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। प्रमुख संस्थानों जैसे National Institute of Mental Health and Neurosciences (निमहांस), All India Institute of Medical Sciences (एम्स) और Institute of Human Behaviour and Allied Sciences (आईएचबीएएस) के विशेषज्ञ इसमें शामिल हो रहे हैं।
सम्मेलन के प्रमुख वक्ताओं में डॉ. राधाकृष्णन (निमहांस, बेंगलुरु), डॉ. राजेश सागर (एम्स), डॉ. सुजाता सतपथी (एम्स), डॉ. संध्या गुप्ता (एनएचआरसी, भारत सरकार), कर्नल केका चटर्जी (मिलिट्री नर्सिंग सर्विस, आर्मी हॉस्पिटल) और डॉ. जी. बालामुरुगन (टेली मानस, निमहांस) शामिल हैं।ये सभी विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवा विस्तार पर अपने विचार साझा कर रहे हैं।
यह सम्मेलन डिजिटल मेंटल हेल्थ मिशन के अनुरूप आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य विचारों का आदान-प्रदान, नई तकनीकों की जानकारी और सहयोगात्मक प्रयासों को बढ़ावा देना है, ताकि मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ और प्रभावी बन सकें।

शारदा विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर श्री वाई.के. गुप्ता ने कहा कि आपदा और आपातकाल के समय मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत आवश्यक होती हैं। मानसिक स्वास्थ्य नर्सें संकट की घड़ी में लोगों को भावनात्मक सहारा देती हैं और उन्हें सामान्य जीवन में लौटने में मदद करती हैं।
ISPN के संरक्षक और इंडियन नर्सिंग काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. टी. दिलीप कुमार ने कहा कि ISPNC 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि एक सशक्त पहल है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य को आपदा प्रबंधन की मुख्यधारा में लाना और नर्सों को हर आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार करना है।

कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग स्कूल के डीन प्रोफेसर श्री राजा, डॉ. किरण, फैकल्टी सदस्य, स्टाफ और छात्र भी उपस्थित रहे।आज जब मानसिक स्वास्थ्य वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है, ऐसे में यह सम्मेलन न केवल जागरूकता बढ़ाने का मंच है, बल्कि नीति निर्माण और जमीनी स्तर पर सेवा सुधार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह पहल बताती है कि भविष्य की आपदाओं से लड़ाई केवल चिकित्सा संसाधनों से नहीं, बल्कि मजबूत मानसिक स्वास्थ्य तंत्र से भी लड़ी जाएगी।
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