Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 का आयोजन ‘विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत की उत्प्रेरक’ थीम पर किया गया। कार्यक्रम में इंटरैक्टिव क्विज, प्रेरक व्याख्यान और शोध प्रयोगशालाओं का दौरा प्रमुख आकर्षण रहे।
Lucknow स्थित Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences (एसजीपीजीआई) में शनिवार, 28 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। यह आयोजन संस्थान के माइक्रोबायोलॉजी विभाग और अनुसंधान इकाई द्वारा माइक्रोबायोलॉजी विभाग के सेमिनार कक्ष में आयोजित किया गया। इस वर्ष की राष्ट्रीय थीम थी— “विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत की उत्प्रेरक”।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर वर्ष 28 फरवरी को उस ऐतिहासिक उपलब्धि की स्मृति में मनाया जाता है, जब 1928 में प्रख्यात भारतीय भौतिक विज्ञानी C. V. Raman ने रमन प्रभाव की खोज की थी। उनके इस अद्वितीय योगदान ने भारत को वैज्ञानिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाई।
वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की पहल
एसजीपीजीआई में इस वर्ष का समारोह एक विशेष वैज्ञानिक इंटरैक्टिव सत्र के रूप में तैयार किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना, दैनिक जीवन में विज्ञान की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवा शोधकर्ताओं को उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करना था।
‘विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत की उत्प्रेरक’ विषय के माध्यम से भारत के विकास में महिला वैज्ञानिकों के अमूल्य योगदान को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में लैंगिक समावेशिता के महत्व को रेखांकित किया गया।

छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी
इस समारोह में कई कॉलेजों और संस्थानों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। उनकी उत्साहपूर्ण और जीवंत भागीदारी ने कार्यक्रम को ऊर्जा से भर दिया। यह उपस्थिति उत्तर प्रदेश के युवाओं में विज्ञान के प्रति बढ़ती रुचि और जिज्ञासा का प्रतीक बनी।
प्रश्नोत्तरी और प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एक रोचक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तरी सत्र रहा, जिसमें जीव विज्ञान और चिकित्सा विज्ञान से जुड़े प्रश्नों के माध्यम से प्रतिभागियों के ज्ञान का प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षण किया गया।
समारोह की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब All India Institute of Medical Sciences Bibinagar की निदेशक प्रोफेसर Amita Aggarwal ने प्रेरक संबोधन दिया। एक प्रतिष्ठित चिकित्सक-वैज्ञानिक के रूप में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत से लेकर देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में से एक के शीर्ष पद तक की यात्रा साझा की। उनके अनुभवों ने छात्रों और युवा शोधकर्ताओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

शोध सुविधाओं का विशेष दौरा
कार्यक्रम को और अधिक अनुभवात्मक बनाने के लिए छात्रों को संस्थान की तीन प्रमुख अनुसंधान सुविधाओं— माइक्रोबायोलॉजी विभाग, केंद्रीय अनुसंधान सुविधा (कोर प्रयोगशाला) और एनिमल हाउस— का निर्देशित दौरा कराया गया। इस पहल ने छात्रों को अत्याधुनिक अनुसंधान अवसंरचना और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं की व्यावहारिक समझ प्रदान की।
भविष्य के वैज्ञानिकों को समर्पित संदेश
समारोह के अंत में प्रतिभागियों और आयोजकों ने सुव्यवस्थित कार्यक्रम की सराहना की। एसजीपीजीआई ने वैज्ञानिक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने, बायोमेडिकल अनुसंधान को आगे बढ़ाने और भविष्य के वैज्ञानिकों व चिकित्सा पेशेवरों को प्रेरित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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