गौतम बुद्ध नगर स्थित नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन में शारदा स्कूल ऑफ लॉ के विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण के दौरान पुलिस कार्यप्रणाली, एफआईआर पंजीकरण, साइबर अपराध, मिशन शक्ति अभियान और डी.के. बसु दिशा-निर्देशों के तहत मानवाधिकार सुरक्षा की प्रक्रियाओं को समझा। यह कार्यक्रम विधिक जागरूकता और आपराधिक न्याय प्रणाली की व्यावहारिक समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
कानून की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि न्याय प्रणाली को समझने के लिए उसका व्यावहारिक अनुभव भी उतना ही जरूरी होता है। इसी उद्देश्य के साथ शारदा विश्वविद्यालय के शारदा स्कूल ऑफ लॉ के अंतर्गत संचालित प्रो बोनो क्लब द्वारा नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन, गौतम बुद्ध नगर का एक महत्वपूर्ण शैक्षिक एवं विधिक जागरूकता भ्रमण आयोजित किया गया।
इस शैक्षिक भ्रमण में कानून के विद्यार्थियों को पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली, आपराधिक न्याय प्रणाली और कानून से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजदीक से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को एफआईआर पंजीकरण की प्रक्रिया, गिरफ्तारी से संबंधित संवैधानिक अधिकारों तथा मानवाधिकार संरक्षण से परिचित कराना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विशेष रूप से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के अंतर्गत प्राथमिकी यानी एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी अपराध की सूचना मिलने पर पुलिस किस प्रकार कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करती है।
डी.के. बसु केस के दिशा-निर्देशों की जानकारी
इस दौरान विद्यार्थियों को डी.के. बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य के ऐतिहासिक मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य गिरफ्तारी और पुलिस अभिरक्षा के दौरान नागरिकों के मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।
छात्रों को यह समझाया गया कि गिरफ्तारी के समय पुलिस को किन कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य होता है, ताकि किसी भी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन न हो।
साइबर अपराध और महिला सुरक्षा पर भी चर्चा
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल युग में साइबर अपराध किस प्रकार नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं और पुलिस उनसे निपटने के लिए किस तरह की तकनीकी और कानूनी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करती है।
इसके अलावा महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति अभियान और आपातकालीन हेल्पलाइन 112 की भूमिका पर भी विस्तृत चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किस प्रकार यह हेल्पलाइन संकट की स्थिति में लोगों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पुलिस अधिकारियों ने साझा किए अनुभव
इस अवसर पर थानाध्यक्ष सर्वेश सिंह ने विद्यार्थियों को पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर संवाद और विश्वास समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।
वहीं पुलिस उपनिरीक्षक देवेश चौधरी ने विद्यार्थियों को एफआईआर, एनसीआर और एनसीआरबी से संबंधित प्रक्रियाओं तथा पुलिस रिकॉर्ड प्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार पुलिस स्टेशन में हर मामले का रिकॉर्ड रखा जाता है और उसकी निगरानी की जाती है।
शारदा विश्वविद्यालय के शिक्षकों की प्रतिक्रिया
इस कार्यक्रम को लेकर शारदा स्कूल ऑफ लॉ के डीन प्रोफेसर (डॉ.) ऋषिकेश दवे ने कहा कि ऐसे शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक दृष्टिकोण भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा,
"ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को न्याय प्रणाली की वास्तविक समझ से जोड़ते हैं और उन्हें भविष्य में बेहतर कानूनी सेवाएं प्रदान करने के लिए तैयार करते हैं।"
वहीं डॉ. मानवेन्द्र सिंह और डॉ. वैशाली अरोरा, जो इस कार्यक्रम के संकाय समन्वयक रहे, ने संयुक्त रूप से कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को पुलिस प्रक्रिया और डी.के. बसु दिशा-निर्देशों की बेहतर समझ प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों में सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवाधिकार संरक्षण की भावना को मजबूत करते हैं।
विधिक जागरूकता की दिशा में अहम कदम
यह शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए केवल एक अध्ययन यात्रा नहीं बल्कि विधिक जागरूकता और आपराधिक न्याय प्रणाली की व्यावहारिक समझ विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।
प्रो बोनो क्लब ने भी यह स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे शैक्षिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि कानून के विद्यार्थी समाज और न्याय व्यवस्था को बेहतर तरीके से समझ सकें।
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