03 जनवरी 2026 को हुई नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में आवासीय, औद्योगिक, पर्यावरणीय और रियल एस्टेट से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी।
नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक 03 जनवरी 2026 को प्राधिकरण सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता दीपक कुमार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश एवं अध्यक्ष, नोएडा प्राधिकरण ने की। बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सबसे अहम निर्णय आवासीय समूह आवास परियोजनाओं से जुड़ा रहा। समूह आवास भूखंडों पर निर्मित फ्लैटों में सब्सीक्वेंट मेंबर के पक्ष में त्रिपक्षीय उप-पट्टा पंजीकरण न होने से उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए 8 सदस्यीय समिति के गठन को मंजूरी दी गई।
पर्यावरण संरक्षण के तहत नोएडा क्षेत्र के विभिन्न ड्रेनों के सुधार और शोधन के लिए राष्ट्रीय स्तर की पर्यावरण शोधन एजेंसियों से EOI के माध्यम से चयन कर पांच वर्षों तक संचालन और अनुरक्षण कराने का निर्णय लिया गया।

आवासीय भूखंड योजना 2011-1 (किसान श्रेणी) के अंतर्गत वर्ष 2021 में आवंटित भूखंडों के बाद शेष भूखंडों के आवंटन के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों की संयुक्त समिति बनाकर ड्रॉ प्रक्रिया कराने को स्वीकृति दी गई।
शहर की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने के लिए SPA दिल्ली या IIT रुड़की से प्रेजेंटेशन के आधार पर कंसल्टेंट चयन को मंजूरी दी गई।
स्पोर्ट्स सिटी परियोजना, सेक्टर-150 नोएडा से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की पुष्टि करते हुए आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में Unified Regulations-2025 के वाणिज्यिक, संस्थागत और औद्योगिक प्रावधानों में आंशिक संशोधन को भी हरी झंडी दी गई।
पुरानी रुकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं के मामले में बताया गया कि 57 में से 36 परियोजनाओं ने नीति का लाभ उठाया, जिससे करीब ₹872.12 करोड़ प्राधिकरण को प्राप्त हुए। इससे लगभग 6855 फ्लैट खरीदारों को रजिस्ट्री का लाभ मिलेगा, जिनमें से अब तक 4134 रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं। बोर्ड ने शेष रजिस्ट्रियों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
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